कर्नाटक

Bengaluru : बुजुर्ग ने बीमार पत्नी की हत्या के बाद खुदकुशी की

Kavita2
24 Jun 2026 10:33 AM IST
Bengaluru : बुजुर्ग ने बीमार पत्नी की हत्या के बाद खुदकुशी की
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Karnataka कर्नाटक: बेंगलुरु के संपिगेहल्ली पुलिस स्टेशन क्षेत्र से एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां 85 वर्षीय एक बुजुर्ग ने अपनी बीमार पत्नी की कथित तौर पर हत्या करने के बाद खुदकुशी कर ली। इस घटना ने पूरे इलाके में शोक और स्तब्धता का माहौल पैदा कर दिया है।

मृतकों की पहचान बिहार के रहने वाले शिवनंदन प्रसाद (85) और उनकी पत्नी सुमित्रा देवी (77) के रूप में हुई है। दोनों हाल ही में अपने बेटे किरण कुमार कश्यप के घर बेंगलुरु आए थे और यहीं रह रहे थे।

जानकारी के अनुसार, सुमित्रा देवी लंबे समय से आंखों और कानों से जुड़ी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थीं, जबकि शिवनंदन प्रसाद को भी दिल की बीमारी थी। उम्र और बीमारियों के कारण दोनों का जीवन काफी कठिन हो गया था।

पुलिस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक, यह आशंका जताई जा रही है कि बुजुर्ग दंपति मानसिक और शारीरिक रूप से अत्यधिक परेशानी में थे। माना जा रहा है कि इसी स्थिति के चलते यह दुखद घटना हुई, जिसमें पति ने पहले अपनी पत्नी की हत्या की और फिर खुद भी जान दे दी।

पुलिस के अनुसार, शिवनंदन प्रसाद ने कथित तौर पर तकिए से अपनी पत्नी का गला घोंटकर हत्या की। इसके बाद उन्होंने लुंगी का इस्तेमाल कर खिड़की की ग्रिल से लटककर खुदकुशी कर ली।

घटना की जानकारी तब सामने आई जब परिवार के अन्य सदस्यों को घर के भीतर दोनों के शव मिले। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची संपिगेहल्ली पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह मामला आत्महत्या और हत्या से जुड़ा प्रतीत होता है, लेकिन सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के समय घर में कोई और मौजूद था या नहीं।

स्थानीय लोगों के अनुसार, यह दंपति शांत स्वभाव के थे और अधिकतर समय घर के अंदर ही रहते थे। पड़ोसियों को भी इस घटना की जानकारी मिलते ही वे स्तब्ध रह गए।

पुलिस ने बताया कि यह भी जांच का विषय है कि क्या बुजुर्ग दंपति लंबे समय से अवसाद या मानसिक तनाव में थे। उम्र से जुड़ी बीमारियों और निर्भरता के कारण वे संभवतः मानसिक दबाव में थे, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही की जाएगी।

इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर बुजुर्गों की देखभाल, मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक सहयोग जैसे मुद्दों पर ध्यान केंद्रित कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि उम्रदराज लोगों को इस तरह की परिस्थितियों में भावनात्मक और सामाजिक सहारे की बेहद जरूरत होती है।

फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और सभी संभावित पहलुओं से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही घटना की पूरी सच्चाई स्पष्ट हो सकेगी।

कुल मिलाकर, बेंगलुरु की यह घटना एक गहरे पारिवारिक और मानवीय संकट की ओर इशारा करती है, जिसने एक बुजुर्ग दंपति की जिंदगी को दुखद अंत तक पहुंचा दिया और पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है।

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