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Bengaluru बेंगलुरु। कर्नाटक कांग्रेस ने राज्य में होने वाले मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) को लेकर पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं से पूरी तरह सतर्क रहने का आह्वान किया है। पार्टी ने कहा है कि यह प्रक्रिया उसके भविष्य को तय करने वाली साबित होगी। मंगलवार को यहां पैलेस ग्राउंड्स में आयोजित ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ आंदोलन की तैयारी बैठक को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डी.के. शिवकुमार ने कहा कि राज्य में मतदाता सूची के एसआईआर की प्रक्रिया नजदीक है और अधिकारी इसका काम शुरू कर चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बूथ लेवल एजेंट्स (बीएलए) के मामले में किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी, क्योंकि यही प्रक्रिया पार्टी का भविष्य तय करेगी।
उन्होंने बीएलए से मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए सतर्क रहने का आह्वान किया और कथित ‘वोट चोरी’ अभियान के प्रति आगाह किया। शिवकुमार ने वोट चोरी के खिलाफ चलाए गए अभियान के तहत 1.41 करोड़ हस्ताक्षर जुटाने के लिए सभी जिला अध्यक्षों, विधायकों और पदाधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस प्रयास की सराहना की है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पार्टी का अस्तित्व सामूहिक प्रयास पर निर्भर करता है।
उन्होंने बताया कि 13 फरवरी को एक बड़े कार्यक्रम के आयोजन पर चर्चा चल रही है और प्रत्येक तालुक और पंचायत स्तर पर लाभार्थी सम्मेलन आयोजित करने का आह्वान किया। बैठक को ऐतिहासिक बताते हुए शिवकुमार ने कहा कि अदालतों के आदेशों के कारण पहले स्थानीय निकाय चुनाव नहीं हो सके थे, लेकिन अब अगले चार से पांच महीनों में सभी स्थानीय निकाय चुनाव कराने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी नगर निकाय चुनावों को लेकर निर्देश जारी किए हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार जिला, तालुक और ग्राम पंचायत चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध है और आरक्षण सहित अन्य अड़चनों को दूर करने के लिए कैबिनेट स्तर पर फैसले लिए जा चुके हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से चुनावों की तैयारी में जुटने को कहा। शिवकुमार ने कहा कि सरकार की गारंटी योजनाएं और विकास कार्य जनता तक पहुंच चुके हैं। गारंटी समितियों और स्थानीय स्तर पर नामांकन के जरिए कार्यकर्ताओं को सशक्त बनाया गया है। राज्य स्तर पर केवल 600 नामांकन शेष हैं, बाकी सभी नियुक्तियां पूरी हो चुकी हैं और कुछ मामूली तकनीकी बदलाव बाकी हैं।
उन्होंने बताया कि अब तक 20 डीसीसी अध्यक्ष, 25 पदाधिकारी और 47 विधायक विभिन्न बोर्डों और निगमों के अध्यक्ष बनाए जा चुके हैं। चुनाव में टिकट से वंचित रहे 19 कार्यकर्ताओं को भी अध्यक्ष पद दिए गए हैं। शिवकुमार ने भाजपा नीत केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उसने ग्रामीण रोजगार का सहारा रही मनरेगा योजना को ‘खत्म’ कर दिया है। उन्होंने कहा कि मनमोहन सिंह सरकार के दौरान सोनिया गांधी ने गरीबों को रोजगार की संवैधानिक गारंटी का अधिकार दिया था, जिसके चलते कर्नाटक में पंचायत और गांव स्तर पर हर साल लगभग 6,000 करोड़ रुपये के कार्य होते थे।
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