कर्नाटक

सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद BC पाटिल हुए भावुक

Kavita2
28 May 2026 5:07 PM IST
सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद BC पाटिल हुए भावुक
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Karnataka कर्नाटक: भारत के स्टार पैरा एथलीट और दो बार के पैरालंपिक चैंपियन सुमित अंतिल ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए F64 जेवलिन थ्रो में नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित कर दिया। उन्होंने इंडियन ओपन इंटरनेशनल पैरा चैंपियनशिप के दूसरे दिन 74.82 मीटर का थ्रो कर अपना ही पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया।

यह उपलब्धि श्री कांतीरवा स्टेडियम में हासिल की गई, जहां सुमित ने एक बार फिर साबित किया कि यह मैदान उनके लिए बेहद खास रहा है। यह प्रतियोगिता आगामी पैरा एशियाड के लिए फाइनल ट्रायल भी थी, जिससे उनके प्रदर्शन का महत्व और बढ़ गया।

27 वर्षीय सुमित अंतिल ने 17 साल की उम्र में एक बाइक दुर्घटना में अपना बायां पैर खो दिया था, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने खेल की दुनिया में असाधारण वापसी की और लगातार नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। उनका पिछला सर्वश्रेष्ठ 73.29 मीटर था, जिसे उन्होंने 2023 में पैरा एशियन गेम्स के दौरान बनाया था।

अपने नए रिकॉर्ड के बाद सुमित ने कहा कि बेंगलुरु उनके लिए हमेशा लकी रहा है और उन्होंने यहां बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद के साथ ही प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। उन्होंने बताया कि उनका लक्ष्य 75 मीटर के आंकड़े को पार करना है, जिसके करीब वे अब पहुंच चुके हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रदर्शन से उनका आत्मविश्वास और बढ़ा है और आने वाले पैरा एशियन गेम्स में वे इस लक्ष्य को हासिल करने की पूरी कोशिश करेंगे। उनके अनुसार यह सीजन उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण है और वे लगातार अपने प्रदर्शन में सुधार करने पर ध्यान दे रहे हैं।

प्रतियोगिता के दौरान सुमित की एक थ्रो 73 मीटर से भी अधिक दूरी तक गई थी, लेकिन फाउल घोषित होने के कारण उसे रिकॉर्ड में शामिल नहीं किया गया। इसके बावजूद उन्होंने अंतिम प्रयास में 74.82 मीटर का शानदार थ्रो कर सबको प्रभावित किया।

इंडियन ओपन इंटरनेशनल पैरा चैंपियनशिप में यह प्रदर्शन न केवल भारतीय खेलों के लिए गर्व का विषय है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी उनकी क्षमता को दर्शाता है।

सुमित अंतिल पहले भी अपने दमदार प्रदर्शन से भारत को कई अंतरराष्ट्रीय पदक दिला चुके हैं और अब एक बार फिर उन्होंने विश्व रिकॉर्ड बनाकर अपनी श्रेष्ठता साबित की है। उनके इस प्रदर्शन को आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए एक मजबूत संकेत माना जा रहा है।

फिलहाल खेल जगत में उनकी इस उपलब्धि की जमकर सराहना हो रही है और उन्हें भारत के सबसे सफल पैरा एथलीट्स में से एक माना जा रहा है।

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