
Karnataka कर्नाटक: 9 अप्रैल को बागलकोट सीट पर होने वाले उपचुनाव के दौरान प्रचार के बीच एक विवाद सामने आया है। BJP उम्मीदवार वीरन्ना चरंतीमठ और NSUI यूनिट के बीच हुए पर्चा बांटने के मामले में पुलिस की कार्यवाही और प्रशासनिक कदम चर्चा में हैं।
जानकारी के अनुसार, बागलकोट के कुमारेश्वर कैंपस में NSUI कार्यकर्ताओं ने पर्चे बांटे, जिसके बाद BJP कार्यकर्ताओं के साथ हाथापाई हो गई। इस घटना के बाद पुलिस ने पांच NSUI कार्यकर्ताओं को थाने ले जाकर उनसे पूछताछ की।
इस मामले में चुनाव आयोग की गाइडलाइन का उल्लंघन होने का आरोप लगाया गया। इसके चलते DG और IGP डॉ. एम.ए. सलीम ने बागलकोट की महिला पुलिस स्टेशन CPI विजया मुरुगुंडी और नवानगर पुलिस स्टेशन PSI अशोक चौहान का ट्रांसफर आदेश जारी किया। CPI विजया मुरुगुंडी को विजयपुरा महिला पुलिस स्टेशन में भेजा गया है, जबकि PSI अशोक चौहान को बेलगाम नॉर्थ ज़ोन IGP ऑफिस में ट्रांसफर किया गया।
पुलिस और प्रशासन ने बताया कि यह कदम चुनाव आयोग की गाइडलाइन और विवाद के प्रबंधन के तहत उठाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि ट्रांसफर से क्षेत्र में निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित की जाएगी।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पर्चा विवाद के समय NSUI और BJP कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस और धक्कामुक्की हुई। अधिकारियों ने तुरंत हस्तक्षेप किया और स्थिति को नियंत्रित किया। हालांकि, इस घटना ने चुनाव प्रचार के दौरान तनाव बढ़ा दिया।
इधर, प्रशासन ने सभी राजनीतिक दलों को शांति बनाए रखने और चुनावी गतिविधियों के दौरान कानून का पालन करने की हिदायत दी है। चुनाव के नज़दीक आते ही सुरक्षा और निगरानी को और सख्त किया गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि चुनाव के दौरान इस तरह के मामले आम हैं, लेकिन प्रशासनिक कदम जैसे ट्रांसफर और निगरानी से स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखना संभव होता है। इस प्रकार के कदमों से मतदान केंद्रों और प्रचार क्षेत्रों में निष्पक्षता बनी रहती है।
बागलकोट उपचुनाव की निगरानी के लिए प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस फोर्स और मॉनिटरिंग टीमों को तैनात किया है। चुनाव आयोग और पुलिस का उद्देश्य है कि वोटिंग के दौरान किसी भी तरह की हिंसा या अव्यवस्था न हो।





