कर्नाटक

वाल्मीकि निगम विवाद के बीच बी नागेंद्र का इस्तीफा

Ratna Netam
28 Aug 2026 7:01 PM IST
वाल्मीकि निगम विवाद के बीच बी नागेंद्र का इस्तीफा
x
कर्नाटक : कांग्रेस सरकार में कैबिनेट मंत्री **बी नागेंद्र** ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कथित **महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम (Valmiki ST Development Corporation) में 89 करोड़ रुपये की अनियमितताओं** को लेकर सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करने का ऐलान किया था।
नागेंद्र के इस्तीफे को कांग्रेस सरकार के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। बीजेपी लगातार इस मामले को लेकर मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रही थी और इसी मुद्दे को लेकर रायचूर से बेल्लारी तक पदयात्रा निकालने की तैयारी में थी।
वाल्मीकि निगम मामले को लेकर घिरे थे मंत्री
बी नागेंद्र का नाम कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम से जुड़े कथित वित्तीय घोटाले में सामने आया था। आरोप है कि निगम के फंड में करोड़ों रुपये की अनियमितताएं हुईं।
विपक्ष का आरोप था कि इस मामले में सरकार को जवाब देना चाहिए और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। बीजेपी नेताओं ने विधानसभा से लेकर सड़क तक इस मुद्दे को उठाया और मंत्री के इस्तीफे की मांग की।
हालांकि, नागेंद्र ने अपने ऊपर लगे आरोपों को लेकर अपना पक्ष रखा है और जांच प्रक्रिया का सामना करने की बात कही थी।
BJP की पदयात्रा से पहले बढ़ा दबाव
बीजेपी ने वाल्मीकि निगम मामले को लेकर सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन शुरू करने की रणनीति बनाई थी। पार्टी की ओर से रायचूर से बेल्लारी तक पदयात्रा निकालने की घोषणा की गई थी।
बीजेपी का कहना है कि भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार को जवाबदेही तय करनी चाहिए। विपक्ष इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया सरकार पर लगातार हमलावर रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पदयात्रा शुरू होने से पहले मंत्री का इस्तीफा सरकार के लिए नुकसान को सीमित करने की कोशिश भी माना जा रहा है।
कांग्रेस के लिए क्यों बढ़ी मुश्किल?
कर्नाटक में कांग्रेस सरकार पहले से ही विपक्ष के हमलों का सामना कर रही है। वाल्मीकि निगम मामले ने सरकार की छवि को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
मंत्री के इस्तीफे के बाद विपक्ष इसे अपनी राजनीतिक जीत के तौर पर पेश कर सकता है। वहीं कांग्रेस का प्रयास रहेगा कि मामले को व्यक्तिगत जिम्मेदारी तक सीमित रखा जाए और सरकार की छवि को नुकसान न पहुंचे।
कौन हैं बी नागेंद्र?
बी नागेंद्र कर्नाटक कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं। वह बेल्लारी ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। वह राज्य सरकार में मंत्री रह चुके हैं और अनुसूचित जनजाति कल्याण से जुड़े मामलों में सक्रिय रहे हैं।
राजनीतिक रूप से वह बेल्लारी क्षेत्र में मजबूत पकड़ रखने वाले नेताओं में गिने जाते हैं।
विपक्ष ने साधा निशाना
बीजेपी नेताओं ने मंत्री के इस्तीफे के बाद भी सरकार पर हमला जारी रखा है। विपक्ष का कहना है कि केवल मंत्री का इस्तीफा काफी नहीं है, बल्कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
बीजेपी इस मुद्दे को आगामी राजनीतिक अभियानों में भी उठाने की तैयारी कर रही है।
आगे क्या होगा?
बी नागेंद्र के इस्तीफे के बाद अब सबकी नजर इस बात पर है कि कांग्रेस सरकार इस मामले को कैसे संभालती है। क्या जांच में आगे और नाम सामने आते हैं या मामला यहीं तक सीमित रहता है, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।
कर्नाटक की राजनीति में यह घटनाक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि विपक्ष पहले से ही भ्रष्टाचार के मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है।
फिलहाल बी नागेंद्र का इस्तीफा कांग्रेस सरकार के लिए एक राजनीतिक चुनौती बन गया है। बीजेपी इसे अपनी रणनीति की सफलता बता रही है, जबकि कांग्रेस के सामने अब मामले को नियंत्रित करने और जनता के बीच भरोसा बनाए रखने की जिम्मेदारी है।
Next Story