कर्नाटक

शिवकुमार स्वामीजी पर कथित अपमानजनक बयान का आरोप, NICE प्रमुख अशोक खेनी के खिलाफ शिकायत

Kavita2
3 Oct 2026 10:42 AM IST
शिवकुमार स्वामीजी पर कथित अपमानजनक बयान का आरोप, NICE प्रमुख अशोक खेनी के खिलाफ शिकायत
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तुमकुरु। सिद्धागंगा मठ के दिवंगत श्री शिवकुमार स्वामीजी को लेकर कथित तौर पर झूठे और अपमानजनक बयान देने के आरोप में NICE प्रमुख अशोक खेनी के खिलाफ तुमकुरु जिला पुलिस में शिकायत दी गई है। विजया सेना के राज्य अध्यक्ष दीपक ने तुमकुरु जिला पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत सौंपते हुए मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि खेनी की कथित टिप्पणियों से श्री शिवकुमार स्वामीजी के भक्तों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है।

शिकायतकर्ता दीपक के अनुसार, अशोक खेनी ने हाल ही में एक निजी समाचार चैनल को दिए इंटरव्यू के दौरान सिद्धागंगा मठ के दिवंगत श्री शिवकुमार स्वामीजी को लेकर कुछ बयान दिए थे। इन्हीं कथित बयानों पर आपत्ति जताते हुए पुलिस से शिकायत की गई है।

दीपक ने अपनी लिखित शिकायत में आरोप लगाया है कि इंटरव्यू के दौरान कही गई बातें श्री शिवकुमार स्वामीजी और सिद्धागंगा मठ की गरिमा को नुकसान पहुंचाने वाली हैं। उनका दावा है कि कथित टिप्पणियां स्वामीजी के सम्मान और प्रतिष्ठा के खिलाफ हैं और इससे उनके अनुयायियों में नाराजगी है।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि खेनी ने कथित तौर पर जानबूझकर ऐसे बयान दिए, जिनसे श्री शिवकुमार स्वामीजी और सिद्धागंगा मठ की गरिमा को ठेस पहुंचे। हालांकि शिकायत में लगाए गए इन आरोपों की सत्यता और संबंधित बयानों के पूरे संदर्भ की जांच पुलिस के स्तर पर की जानी है।

विजया सेना के राज्य अध्यक्ष ने जिला पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। शिकायत में इंटरव्यू के दौरान दिए गए कथित बयानों का उल्लेख करते हुए पुलिस से मामले की जांच करने का अनुरोध किया गया है।

मामला सामने आने के बाद श्री शिवकुमार स्वामीजी से जुड़े अनुयायियों और सिद्धागंगा मठ की प्रतिष्ठा का विषय भी चर्चा में आ गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि स्वामीजी के प्रति बड़ी संख्या में लोगों की गहरी श्रद्धा है और उनके बारे में कथित अपमानजनक टिप्पणी से भक्तों की भावनाएं प्रभावित हुई हैं।

दीपक ने शिकायत में कहा है कि ऐसे बयान समाज में असंतोष पैदा कर सकते हैं। इसी आधार पर उन्होंने पुलिस से मामले की जांच कर आवश्यक कानूनी कदम उठाने की मांग की है।

फिलहाल यह मामला शिकायत और उसमें लगाए गए आरोपों पर आधारित है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इंटरव्यू के दौरान वास्तव में क्या कहा गया था, बयान किस संदर्भ में दिया गया और क्या उसमें ऐसा कोई तत्व मौजूद है जिस पर कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

मामले में इंटरव्यू की रिकॉर्डिंग भी महत्वपूर्ण हो सकती है। शिकायत में जिस निजी समाचार चैनल के इंटरव्यू का जिक्र किया गया है, उसमें दिए गए कथित बयान और उनका पूरा संदर्भ जांच के दौरान अहम रहेगा। किसी भी बयान के संबंध में कानूनी कार्रवाई से पहले उसके मूल स्वरूप और संदर्भ की जांच महत्वपूर्ण होगी।

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि अशोक खेनी के कथित बयान केवल स्वामीजी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनसे सिद्धागंगा मठ की गरिमा भी प्रभावित हुई है। इसी वजह से शिकायत में इसे गंभीर मामला बताते हुए कार्रवाई की मांग की गई है।

श्री शिवकुमार स्वामीजी सिद्धागंगा मठ से लंबे समय तक जुड़े रहे और उनके बड़ी संख्या में अनुयायी हैं। उनके निधन के बाद भी भक्तों के बीच उनके प्रति गहरी श्रद्धा बनी हुई है। ऐसे में उनके बारे में दिए गए किसी भी विवादित बयान को लेकर प्रतिक्रिया सामने आना स्वाभाविक माना जा रहा है।

विजया सेना की ओर से की गई शिकायत के बाद अब पुलिस की आगे की प्रक्रिया पर नजर रहेगी। पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों का परीक्षण कर सकती है और जरूरत पड़ने पर संबंधित इंटरव्यू तथा अन्य उपलब्ध सामग्री की जांच की जा सकती है।

दीपक ने जिला पुलिस अधीक्षक को सौंपे आवेदन में मांग की है कि मामले को केवल बयानबाजी के रूप में न देखा जाए, बल्कि स्वामीजी के भक्तों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।

शिकायत में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप भी लगाया गया है। शिकायतकर्ता के मुताबिक श्री शिवकुमार स्वामीजी के प्रति श्रद्धा रखने वाले लोगों के लिए कथित टिप्पणियां आपत्तिजनक हैं। इसी आधार पर उन्होंने पुलिस से हस्तक्षेप की मांग की है।

हालांकि शिकायत दर्ज कराए जाने का अर्थ आरोपों का साबित होना नहीं है। मामले में पुलिस द्वारा तथ्यों की जांच और संबंधित पक्षों से जानकारी लिए जाने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। अशोक खेनी की ओर से इन आरोपों पर क्या पक्ष रखा जाता है, यह भी मामले में महत्वपूर्ण रहेगा।

इस पूरे विवाद का केंद्र वह इंटरव्यू है, जिसमें कथित तौर पर स्वामीजी को लेकर बयान दिया गया। ऐसे में इंटरव्यू के मूल वीडियो, बातचीत के पूरे हिस्से और कथित टिप्पणी के संदर्भ की जांच से यह तय करने में मदद मिल सकती है कि शिकायत में लगाए गए आरोप किस हद तक सही हैं।

विजया सेना के राज्य अध्यक्ष दीपक ने अपनी शिकायत में कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि सिद्धागंगा मठ और श्री शिवकुमार स्वामीजी की गरिमा को नुकसान पहुंचाने वाले कथित बयानों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

अब मामला तुमकुरु जिला पुलिस के सामने है। पुलिस शिकायत में दिए गए तथ्यों और उपलब्ध सामग्री के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय करेगी। फिलहाल अशोक खेनी के खिलाफ लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता के दावे हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

श्री शिवकुमार स्वामीजी को लेकर कथित टिप्पणी का मामला सामने आने के बाद विवाद बढ़ गया है। विजया सेना ने पुलिस से कानूनी कार्रवाई की मांग की है, जबकि आगे की स्थिति पुलिस की जांच और संबंधित इंटरव्यू के परीक्षण के बाद स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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