
कर्नाटक : भटकल में बुधवार देर रात गणेश चतुर्थी विसर्जन जुलूस के दौरान पथराव की घटना सामने आई। यह घटना गुलमी इलाके में इस्माइल मस्जिद के सामने हुई, जहां से गुजर रहे विसर्जन जुलूस पर कथित रूप से पत्थर फेंके जाने का आरोप लगाया गया है।
घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। मामले की जांच शुरू कर दी गई है और घटना से जुड़े लोगों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।
विसर्जन जुलूस के दौरान हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, बुधवार रात तलंदा क्षेत्र से गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए जुलूस निकाला गया था। जब यह जुलूस पिथिला रेलवे ब्रिज पार करने के बाद रेलवे स्टेशन रोड से गुजर रहा था, उसी दौरान इस्माइल सुन्नी जामिया मस्जिद और ताजसुन्ना अरबी मदरसे के पास पथराव होने की बात सामने आई।
स्थानीय लोगों के अनुसार, अज्ञात लोगों ने कथित तौर पर जुलूस के रास्ते में स्थित धार्मिक स्थल की ओर पत्थर फेंके। इस घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों में नाराजगी फैल गई।
मस्जिद की खिड़कियां टूटने का आरोप
मुस्लिम समुदाय के कुछ युवाओं ने घटना के विरोध में भटकल शहर पुलिस स्टेशन के सामने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि उपद्रवियों ने मस्जिद पर पत्थर फेंके, जिससे उसकी कुछ खिड़कियां क्षतिग्रस्त हुईं।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि यह घटना जानबूझकर माहौल खराब करने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के उद्देश्य से की गई। हालांकि, पुलिस ने अभी तक घटना के सभी पहलुओं की पुष्टि नहीं की है।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और पथराव करने वालों की पहचान के लिए जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
इलाके में सुरक्षा बढ़ाई गई
घटना के बाद एहतियात के तौर पर इलाके में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। प्रशासन का प्रयास है कि किसी भी तरह की अफवाह या तनाव की स्थिति को रोका जा सके।
पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी अपुष्ट जानकारी को साझा नहीं करने की अपील की है।
धार्मिक आयोजनों में सतर्कता पर जोर
गणेश चतुर्थी जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान बड़ी संख्या में लोग जुलूस और विसर्जन कार्यक्रमों में शामिल होते हैं। ऐसे आयोजनों को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन पहले से सुरक्षा इंतजाम करता है।
भटकल की घटना के बाद पुलिस और प्रशासन ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है, ताकि आगे किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने।
आगे की कार्रवाई पर नजर
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पथराव किसने किया और इसके पीछे क्या कारण थे, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
प्रशासन ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है और जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
भटकल में हुई इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और पुलिस की नजर पूरे इलाके पर बनी हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना से जुड़े सभी तथ्यों का खुलासा हो सकेगा।





