
बेंगलुरु: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में पेड़ों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। विजयनगर इलाके में एक पेड़ के तने में छेद कर कथित तौर पर जहर डालने का मामला सामने आया है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है और शहर के कई इलाकों में पेड़ों को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों को लेकर चिंता जताई जा रही है।
बताया जा रहा है कि विजयनगर की 7वीं मेन रोड और तीसरी क्रॉस रोड पर मौजूद एक पेड़ के साथ यह घटना हुई। मामले में ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी के वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
पेड़ में जहर डालने का आरोप
ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी के फॉरेस्ट कंजर्वेशन डायरेक्टर (DCF) सुदर्शन जीके के अनुसार, स्थानीय निवासी राजेंद्र कुमार और उनके भाइयों विनेद्र कुमार व जितेंद्र कुमार के खिलाफ पेड़ में जहर डालने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और घटना के पीछे की वजह का पता लगाया जा रहा है।
राह चलते व्यक्ति ने देखी संदिग्ध स्थिति
जानकारी के अनुसार, ‘टीम सोशल स्पॉटलाइट’ के संस्थापक सोनेश के. शेट सड़क पर टहल रहे थे, तभी उनकी नजर इस पेड़ पर पड़ी। उन्होंने देखा कि पेड़ की पत्तियां पीली पड़ रही थीं और बड़ी संख्या में गिर रही थीं।
उन्हें यह स्थिति इसलिए असामान्य लगी क्योंकि उस समय पत्तियां गिरने का मौसम नहीं था। इसके बाद उन्होंने पेड़ की जांच की तो उन्हें कुछ संदिग्ध दिखाई दिया।
तने को खोखला कर भरा गया था पदार्थ
सोनेश के. शेट ने बताया कि जांच करने पर पता चला कि पेड़ के तने में छेद किया गया था और उसके अंदर कथित तौर पर जहर भरा गया था।
इस जानकारी के बाद स्थानीय लोगों को मामले की जानकारी दी गई और वन विभाग को भी इसकी सूचना दी गई। इसके बाद अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
पेड़ों की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
इस घटना के सामने आने के बाद बेंगलुरु के कई इलाकों में पेड़ों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। केंगेरी, इंदिरा नगर, मल्लेश्वरम, जयनगर और जेपी नगर जैसे क्षेत्रों में भी पेड़ों को नुकसान पहुंचाने की शिकायतों को लेकर स्थानीय लोग सतर्क हो गए हैं।
पर्यावरण से जुड़े लोगों का कहना है कि शहर में तेजी से हो रहे विकास के बीच पेड़ों का संरक्षण बेहद जरूरी है।
हरियाली के लिए खतरा
बेंगलुरु को लंबे समय तक हरियाली और पेड़ों से भरे शहर के रूप में पहचाना जाता रहा है। हालांकि, शहरी विस्तार और निर्माण गतिविधियों के कारण पेड़ों पर दबाव बढ़ा है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि पेड़ों को नुकसान पहुंचाने वाली ऐसी घटनाएं पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा हैं। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
वन विभाग कर रहा जांच
वन विभाग की टीम अब मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पेड़ को नुकसान पहुंचाने के कारणों और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।
एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस भी मामले की कानूनी जांच आगे बढ़ा रही है।
पेड़ों की निगरानी बढ़ाने की मांग
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि शहर में पुराने और बड़े पेड़ों की सुरक्षा के लिए निगरानी व्यवस्था मजबूत की जाए। उनका कहना है कि पेड़ों को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता और सख्त कार्रवाई दोनों जरूरी हैं।
पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने जताई नाराजगी
पर्यावरण कार्यकर्ताओं का कहना है कि पेड़ केवल हरियाली का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि शहर के तापमान को नियंत्रित करने, प्रदूषण कम करने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि ऐसी घटनाओं पर तुरंत कार्रवाई हो और पेड़ों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
फिलहाल विजयनगर में पेड़ को जहर देने के मामले में जांच जारी है। एफआईआर दर्ज होने के बाद अब पुलिस और वन विभाग की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।





