कर्नाटक

कावेरी विवाद पर कर्नाटक में सर्वदलीय बैठक, सरकार ने मांगा सहयोग

Kavita2
30 July 2026 5:26 PM IST
कावेरी विवाद पर कर्नाटक में सर्वदलीय बैठक, सरकार ने मांगा सहयोग
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बेंगलुरु। कावेरी जल विवाद को लेकर कर्नाटक सरकार ने आगे की रणनीति तैयार करने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने गुरुवार को बताया कि यह बैठक रविवार (2 अगस्त) को ‘कृष्णा’ स्थित होम ऑफिस में आयोजित की जाएगी। बैठक में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्रियों के साथ-साथ कावेरी बेसिन से जुड़े सांसदों और विधायकों को भी आमंत्रित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बैठक का उद्देश्य कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (CWMA) के हालिया निर्देश और उससे जुड़े कदमों पर चर्चा करना है। सरकार इस मुद्दे पर राज्य के हितों को ध्यान में रखते हुए आगे की रणनीति तय करेगी।

CWMA के आदेश के बाद बढ़ी हलचल

कावेरी जल विवाद के बीच कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण ने कर्नाटक को निर्देश दिया है कि वह तमिलनाडु के लिए निर्धारित मात्रा में पानी छोड़े। इस आदेश के बाद कर्नाटक सरकार ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई है।

डीके शिवकुमार ने दिल्ली स्थित कर्नाटक भवन में मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि राज्य सरकार ने इस मामले को लेकर CWMA के समक्ष अपील दायर की है। उन्होंने कहा कि सर्वदलीय बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की जाएगी और आगे की कार्रवाई को लेकर सभी की राय ली जाएगी।

पूर्व मुख्यमंत्रियों और जनप्रतिनिधियों को न्योता

मुख्यमंत्री ने बताया कि बैठक में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्रियों को भी शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। इसके अलावा कावेरी नदी बेसिन से जुड़े सांसदों और विधायकों से भी बैठक में भाग लेने का अनुरोध किया गया है।

सरकार का प्रयास है कि इस संवेदनशील मुद्दे पर सभी राजनीतिक दलों की सहमति से आगे बढ़ा जाए। कावेरी जल विवाद लंबे समय से कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच एक प्रमुख मुद्दा रहा है।

केंद्रीय मंत्रियों से सांसदों ने की चर्चा

कावेरी विवाद को लेकर कर्नाटक के सांसदों ने केंद्रीय मंत्रियों से भी मुलाकात कर स्थिति पर चर्चा की। सांसदों ने केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी, सोमन्ना, जगदीश शेट्टार और बसवराज बोम्मई से इस विषय पर बातचीत की।

बताया गया कि केंद्रीय मंत्रियों ने राज्य के हितों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास करने का भरोसा दिलाया है।

राज्य के हितों की रक्षा पर जोर

डीके शिवकुमार ने कहा कि कावेरी का मुद्दा राज्य के किसानों और लोगों की भावनाओं से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले में सभी पहलुओं पर विचार कर रही है और राज्य के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर जो भी प्रयास जरूरी होंगे, वे किए जाएंगे।

किसानों की चिंताओं के बीच बैठक अहम

कावेरी जल विवाद का सीधा असर दोनों राज्यों के किसानों पर पड़ता है। पानी की उपलब्धता को लेकर किसानों की चिंताएं समय-समय पर सामने आती रही हैं।

कर्नाटक में किसान संगठन भी जल बंटवारे से जुड़े फैसलों को लेकर अपनी चिंता जाहिर करते रहे हैं। ऐसे में सरकार की सर्वदलीय बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

राजनीतिक एकजुटता की कोशिश

कावेरी जैसे संवेदनशील मुद्दे पर कर्नाटक सरकार राजनीतिक एकजुटता दिखाने की कोशिश कर रही है। सर्वदलीय बैठक के जरिए सरकार विपक्षी दलों को भी साथ लेकर आगे बढ़ना चाहती है।

बैठक में CWMA के आदेश, राज्य की जल स्थिति, किसानों की जरूरतों और कानूनी विकल्पों पर चर्चा होने की संभावना है।

आगे की रणनीति पर होगा फैसला

अब सभी की नजर 2 अगस्त को होने वाली सर्वदलीय बैठक पर है। इस बैठक के बाद ही स्पष्ट होगा कि कर्नाटक सरकार कावेरी जल विवाद को लेकर आगे किस तरह की रणनीति अपनाती है।

राज्य सरकार का कहना है कि वह बातचीत और कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से समाधान निकालने का प्रयास करेगी, लेकिन किसानों और राज्य के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

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