
Karnataka कर्नाटक: शहर के तिलकवाड़ी इलाके में एक पति ने अपनी पत्नी और दो बच्चों को घर में बंद करके मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया। पुलिस ने घटना की जानकारी मिलते ही आरोपी पति को हिरासत में ले लिया और बेलगाम ‘अक्का पाडे’ फोर्स ने महिला और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला।
3 मार्च को दिल्ली से महिला पुलिस स्टेशन, तिलकवाड़ी को फोन मिला कि एक पति अपनी पत्नी को बेडरूम में बंद करके अत्याचार कर रहा है। सूचना के बाद CPI डी.पी. निंबालकर ने अक्कापाड़े टीम को सूचित किया। मौके पर पहुंचे PSI ए. रुक्मिणी और टीम के स्टाफ मेंबर RI कडालगी, स्वप्ना गोंडाली, रूपश्री यमकनमराडी और सिद्दप्पा सांगली ने घर का दरवाजा खोलकर महिला और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। पीड़ितों को तत्काल आवश्यक मेडिकल सहायता दी गई और उनकी हिम्मत बढ़ाई गई।
महिला की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ केस दर्ज किया और उसे गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी। महिला और उसके दो बच्चों को उनकी सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए दिल्ली भेजा गया।
‘अक्का पाडे’ टीम ने 17 फरवरी 2026 से बेलगावी शहर में महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए सक्रिय कदम उठाए हैं। टीम ने अब तक 70 से अधिक स्कूलों, कॉलेजों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशनों और पब्लिक जगहों पर अवेयरनेस प्रोग्राम आयोजित किए हैं। इन कैंपेन में महिलाओं के अधिकार, बाल विवाह पर रोक, POCSO एक्ट, साइबर क्राइम और व्यक्तिगत सुरक्षा से जुड़ी जानकारी दी जाती है।
टीम की उपलब्धियों में अब तक दो महिलाओं को बचाना, आठ घरेलू झगड़ों में बीच-बचाव करना और 12 घटनाओं को प्रभावी ढंग से संभालना शामिल है। इसके अलावा, कर्नाटक पुलिस एक्ट, 1963 के तहत 55 केस दर्ज किए गए हैं, जिनमें हैरेसमेंट, पब्लिक न्यूसेंस और गलत व्यवहार शामिल हैं।
शहर के पुलिस कमिश्नर भूषण बोरासे ने ‘अक्का पाडे’ टीम की तारीफ करते हुए कहा कि यह टीम लगातार महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने बताया कि ऐसे ऑपरेशन महिला और बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा और समाज में उनके प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
अक्का पाडे टीम का यह सफल ऑपरेशन शहर में महिलाओं की सुरक्षा के प्रति सरकारी और पुलिस प्रयासों की मिसाल बन गया है। पुलिस ने जनता से अपील की है कि ऐसे किसी भी मामले की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस या ‘अक्का पाडे’ टीम को दें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके और जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।





