
बेंगलुरु : कर्नाटक सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) शिक्षा और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा है कि राज्य में कक्षा 6 से ही छात्रों को AI की शिक्षा दी जाएगी। इसके साथ ही बेंगलुरु में देश की पहली सरकारी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यूनिवर्सिटी स्थापित करने की योजना बनाई गई है।
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस योजना की जानकारी साझा करते हुए कहा कि सरकार कर्नाटक को “AI-नेटिव राज्य” बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसके लिए शिक्षा, रिसर्च और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े स्तर पर निवेश किया जाएगा।
Preparing the next generation for an AI driven future, Hon'ble Chief Minister Shri @DKShivakumar announced the introduction of AI education from Class VI onwards. The initiative will equip young minds with foundational AI skills and nurture future innovators. pic.twitter.com/FUC7D3qVxb
— CM of Karnataka (@CMofKarnataka) July 14, 2026
उन्होंने कहा कि बदलते तकनीकी दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में युवाओं को शुरुआती स्तर से ही AI और नई तकनीकों से जोड़ना जरूरी है। इसी उद्देश्य से स्कूल स्तर पर AI शिक्षा शुरू करने की योजना तैयार की गई है।
सरकार के प्रस्ताव के अनुसार, कक्षा 6 से छात्रों को AI से जुड़े विषयों की जानकारी दी जाएगी। इसमें छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मूल अवधारणाओं, मशीन लर्निंग, डेटा और डिजिटल तकनीक जैसे विषयों से परिचित कराया जाएगा। इसका उद्देश्य छात्रों में तकनीकी समझ और भविष्य की जरूरतों के अनुसार कौशल विकसित करना है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि बेंगलुरु में बनने वाली सरकारी AI यूनिवर्सिटी देश में अपनी तरह की पहली संस्था होगी। यह विश्वविद्यालय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उभरती हुई तकनीकों के क्षेत्र में विशेषज्ञ मानव संसाधन तैयार करने पर केंद्रित होगा।
AI यूनिवर्सिटी में रिसर्च, इनोवेशन और उच्च स्तरीय प्रशिक्षण को बढ़ावा देने की योजना है। यहां छात्रों और शोधकर्ताओं को AI से जुड़े नए प्रयोगों और तकनीकी विकास के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
कर्नाटक पहले से ही देश का प्रमुख आईटी हब माना जाता है। बेंगलुरु में बड़ी संख्या में टेक कंपनियां, स्टार्टअप और रिसर्च संस्थान मौजूद हैं। सरकार का मानना है कि AI के क्षेत्र में निवेश करके राज्य को वैश्विक स्तर पर और मजबूत बनाया जा सकता है।
इसके अलावा, राज्य सरकार एक डेडिकेटेड AI हब बनाने की भी तैयारी कर रही है। इस हब के माध्यम से शैक्षणिक संस्थानों, स्टार्टअप और उद्योगों के बीच सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।
AI हब का उद्देश्य रिसर्च और इनोवेशन को गति देना होगा। इसके जरिए छात्रों, शोधकर्ताओं और कंपनियों को एक मंच उपलब्ध कराया जाएगा, जहां वे नई तकनीकों पर मिलकर काम कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना भी इस योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सरकार चाहती है कि कर्नाटक में ऐसी व्यवस्था तैयार हो, जहां शिक्षा, उद्योग और तकनीक एक साथ मिलकर विकास को आगे बढ़ाएं।
विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले समय में AI रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और प्रशासन जैसे कई क्षेत्रों में बड़ा बदलाव लाने वाला है। ऐसे में स्कूल स्तर से AI की जानकारी देना छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार कर सकता है।
कर्नाटक सरकार की इस पहल को राज्य के शिक्षा और तकनीकी क्षेत्र में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। देश की प्रमुख आईटी कंपनियों और स्टार्टअप इकोसिस्टम के बीच मौजूद कर्नाटक अब AI के क्षेत्र में भी अपनी पहचान मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।
हालांकि, इस योजना को लागू करने के लिए शिक्षकों का प्रशिक्षण, पाठ्यक्रम तैयार करना और स्कूलों में जरूरी डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराना बड़ी चुनौती होगी। सरकार को इन सभी पहलुओं पर काम करना होगा ताकि AI शिक्षा का लाभ ज्यादा से ज्यादा छात्रों तक पहुंच सके।
सरकार का लक्ष्य है कि कर्नाटक में ऐसी पीढ़ी तैयार की जाए जो नई तकनीकों को समझने के साथ-साथ उनमें नवाचार भी कर सके। AI यूनिवर्सिटी, AI हब और स्कूल स्तर की शिक्षा के माध्यम से राज्य को तकनीकी रूप से और मजबूत बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है।
फिलहाल मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद शिक्षा और तकनीकी क्षेत्र में इस योजना को लेकर चर्चा तेज हो गई है। आने वाले समय में सरकार इस परियोजना की विस्तृत रूपरेखा और क्रियान्वयन योजना सामने ला सकती है।





