लॉस ऑफ कंसोर्टियम में पत्नी के साथ वयस्क बेटों को भी मिलेगा मुआवजा: HC

Bengaluru बेंगलुरु: कर्नाटक हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि ‘लॉस ऑफ कंसोर्टियम’ श्रेणी के तहत मुआवजा केवल मृतक की पत्नी ही नहीं बल्कि वयस्क बच्चे भी पा सकते हैं। यह मुआवजा किसी व्यक्ति की असामयिक मृत्यु के बाद परिवार में आए भावनात्मक खालीपन की भरपाई के लिए होता है।
जज ने यह फैसला देते हुए कलबुर्गी निवासी एक ब्यक्ति की पत्नी और दो वयस्क बेटों को इस श्रेणी के तहत प्रत्येक को ₹52,000 का मुआवजा देने का निर्देश दिया, जिससे कुल राशि ₹1.56 लाख हुई।
ब्यक्ति की 2019 में एक सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। पहले कलबुर्गी के मोटर वाहन दावा न्यायाधिकरण ने ₹10.30 लाख का मुआवजा तय किया था, जिसमें पत्नी को तो मुआवजा मिला, लेकिन बेटों को उनके स्वावलंबी होने के आधार पर मना कर दिया गया।
कोर्ट ने यह भी कहा कि 54 वर्षीय व्यक्ति का खर्च एक-तिहाई मानना उचित है, न कि 50% जैसा कि ट्रिब्यूनल ने माना था।





