कर्नाटक : हुबली-धारवाड़ के नए पुलिस कमिश्नर भूषण बोरासे के पदभार संभालने के बाद एक मामला चर्चा में आ गया है। गौरी लंकेश हत्या मामले के आरोपी और एनडीपीएस (NDPS) केस से जुड़े एक आरोपी की पुलिस कमिश्नर के साथ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।
इन तस्वीरों में दोनों आरोपी कथित तौर पर पुलिस कमिश्नर भूषण बोरासे को सम्मानित करते हुए दिखाई दे रहे हैं। तस्वीरें सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन और अधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
गौरी लंकेश हत्याकांड आरोपी की तस्वीर वायरल
मामले में सबसे ज्यादा चर्चा गौरी लंकेश हत्या मामले के आरोपी अमित बद्दी की तस्वीर को लेकर हो रही है। वायरल तस्वीर में अमित बद्दी पुलिस कमिश्नर भूषण बोरासे को सम्मानित करते हुए नजर आ रहा है।
गौरी लंकेश हत्या मामला देश के चर्चित मामलों में शामिल रहा है। ऐसे में इस मामले से जुड़े आरोपी की पुलिस अधिकारी के साथ तस्वीर सामने आने के बाद कई सवाल उठने लगे हैं।
NDPS आरोपी की तस्वीर भी सामने आई
इसके अलावा एनडीपीएस मामले के आरोपी खेतसिंह राजपुरोहित की तस्वीर भी वायरल हुई है। इसमें वह पुलिस कमिश्नर को फूलों का गुलदस्ता भेंट करते हुए दिखाई दे रहा है।
दोनों तस्वीरों के सामने आने के बाद लोगों के बीच यह चर्चा शुरू हो गई कि गंभीर मामलों में आरोपी रहे लोग पुलिस कमिश्नर कार्यालय तक कैसे पहुंचे।
नए पुलिस कमिश्नर ने संभाला पद
भूषण बोरासे ने हाल ही में हुबली-धारवाड़ के नए पुलिस कमिश्नर के रूप में जिम्मेदारी संभाली है।
इससे पहले इस पद पर एन. शशिकुमार तैनात थे, जिनका हाल ही में तबादला कर दिया गया था। उनके स्थान पर भूषण बोरासे की नियुक्ति हुई।
नए कमिश्नर के कार्यभार संभालने के बाद कई लोग और संगठन उनसे मुलाकात कर रहे थे। इसी दौरान सामने आई कुछ तस्वीरों को लेकर विवाद शुरू हो गया।
सोशल मीडिया पर उठे सवाल
तस्वीरें वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने कई सवाल उठाए हैं। कुछ लोगों ने पूछा कि गंभीर आपराधिक मामलों से जुड़े व्यक्तियों को पुलिस कमिश्नर कार्यालय में प्रवेश कैसे मिला और उनसे मुलाकात किस उद्देश्य से हुई।
लोगों का कहना है कि पुलिस अधिकारियों से मिलने वालों की पृष्ठभूमि की जानकारी रखना जरूरी है, खासकर जब मामला संवेदनशील अपराधों से जुड़ा हो।
पुलिस प्रशासन की छवि पर चर्चा
पुलिस विभाग में वरिष्ठ अधिकारियों की छवि और उनकी कार्यशैली को लेकर आम जनता काफी संवेदनशील रहती है। ऐसे में किसी आरोपी की पुलिस अधिकारी के साथ तस्वीर सामने आने से विभाग की कार्यप्रणाली पर चर्चा होना स्वाभाविक है।
हालांकि, तस्वीरों के पीछे की पूरी स्थिति अभी स्पष्ट नहीं हुई है। यह भी जानकारी सामने नहीं आई है कि दोनों व्यक्तियों की मुलाकात किस संदर्भ में हुई थी।
आधिकारिक बयान का इंतजार
फिलहाल इस मामले को लेकर पुलिस विभाग की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
यह स्पष्ट नहीं है कि पुलिस प्रशासन इस मामले में कोई जांच करेगा या नहीं। साथ ही यह भी सामने नहीं आया है कि वायरल तस्वीरें किस समय और किस परिस्थिति में ली गई थीं।
जांच के बाद ही साफ होगी स्थिति
मामले में आगे की तस्वीर जांच और आधिकारिक जानकारी के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। यदि किसी तरह की प्रक्रिया संबंधी चूक सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा जा सकता है।
हुबली-धारवाड़ पुलिस कमिश्नर कार्यालय से जुड़ी इन तस्वीरों ने फिलहाल पुलिस विभाग और कानून व्यवस्था को लेकर चर्चा को तेज कर दिया है।





