
मैसूर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी मैसूर दौरे के दौरान उन्हें एक विशेष उपहार दिया जाएगा। अयोध्या स्थित राम मंदिर में रामलला की प्रसिद्ध मूर्ति बनाने वाले मैसूर के मूर्तिकार अरुण योगीराज ने प्रधानमंत्री मोदी के लिए स्वामी विवेकानंद की एक खास संगमरमर की प्रतिमा तैयार की है। 1 अगस्त को प्रधानमंत्री मोदी के मैसूर आगमन के अवसर पर यह प्रतिमा उन्हें भेंट की जाएगी।
लगभग 8.5 किलोग्राम वजन वाली यह संगमरमर की प्रतिमा अपने कलात्मक सौंदर्य और बारीक नक्काशी के कारण खास मानी जा रही है। इसे अरुण योगीराज ने विशेष रूप से प्रधानमंत्री के लिए तैयार किया है। प्रतिमा को मैसूर स्थित श्री रामकृष्ण आश्रम में प्रधानमंत्री को सौंपे जाने की योजना है।
अरुण योगीराज की खास पहचान
ಪ್ರಧಾನ ಮಂತ್ರಿ ನರೇಂದ್ರ ಮೋದಿ ಆಗಸ್ಟ್ 1ರಂದು ಮೈಸೂರಿಗೆ ಆಗಮಿಸುತ್ತಿದ್ದಾರೆ. ಈ ಸಂದರ್ಭದಲ್ಲಿ ಅಯೋಧ್ಯೆ ರಾಮಲಲ್ಲಾ ಮೂರ್ತಿಯ ಶಿಲ್ಪಿ ಅರುಣ್ ಯೋಗಿರಾಜ್ನಿಂದ ಪ್ರಧಾನಿ ಮೋದಿಗೆ 8.5 ಕೆಜಿ ಸ್ವಾಮಿ ವಿವೇಕಾನಂದರ ಪ್ರತಿಮೆ ಉಡುಗೊರೆಯಾಗಿ ಸಿಗಲಿದೆ.
— kannadaprabha (@KannadaPrabha) July 30, 2026
ಅಯೋಧ್ಯೆಯ ರಾಮಮಂದಿರದಲ್ಲಿರುವ ರಾಮಲಲ್ಲಾ ಮೂರ್ತಿಯನ್ನು ಕೆತ್ತಿದ ಖ್ಯಾತ ಶಿಲ್ಪಿ ಅರುಣ್… pic.twitter.com/IcP1iEqr1q
अरुण योगीराज देश के प्रसिद्ध मूर्तिकारों में शामिल हैं। उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान तब मिली जब अयोध्या में बन रहे राम मंदिर के लिए रामलला की मूर्ति तैयार करने का अवसर मिला। उनकी बनाई गई रामलला की प्रतिमा को मंदिर के गर्भगृह में स्थापित किया गया, जिसके बाद उनकी कला की देशभर में सराहना हुई।
मैसूर की मूर्तिकला परंपरा से जुड़े अरुण योगीराज ने इससे पहले भी कई प्रसिद्ध हस्तियों और ऐतिहासिक व्यक्तित्वों की प्रतिमाएं बनाई हैं। उनकी कला में पारंपरिक शैली और आधुनिक तकनीक का सुंदर मेल देखने को मिलता है।
स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा क्यों खास
प्रधानमंत्री मोदी को दी जाने वाली स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा केवल एक कलाकृति नहीं, बल्कि भारतीय आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक मानी जा रही है। स्वामी विवेकानंद ने भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिकता और मानव सेवा के संदेश को पूरी दुनिया तक पहुंचाया था।
श्री रामकृष्ण आश्रम से जुड़ा होने के कारण स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का विशेष महत्व है। रामकृष्ण मिशन और उसके संस्थानों में स्वामी विवेकानंद के विचारों को समाज सेवा और आध्यात्मिक विकास के आधार के रूप में आगे बढ़ाया जाता है।
प्रधानमंत्री का मैसूर दौरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 1 अगस्त को मैसूर पहुंचेंगे। उनके दौरे को लेकर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। कार्यक्रम के दौरान कई प्रमुख लोगों के प्रधानमंत्री से मिलने की संभावना है।
इसी अवसर पर श्री रामकृष्ण आश्रम में अरुण योगीराज द्वारा बनाई गई स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा प्रधानमंत्री को भेंट की जाएगी। आश्रम और स्थानीय प्रशासन की ओर से कार्यक्रम की तैयारियां की जा रही हैं।
मूर्तिकार ने की विशेष तैयारी
बताया जा रहा है कि अरुण योगीराज ने इस प्रतिमा को तैयार करने में विशेष ध्यान दिया है। संगमरमर पर की गई महीन नक्काशी, चेहरे के भाव और स्वामी विवेकानंद की मुद्रा को जीवंत रूप देने का प्रयास किया गया है।
मूर्तिकार का उद्देश्य प्रतिमा के माध्यम से स्वामी विवेकानंद के व्यक्तित्व, आत्मविश्वास और आध्यात्मिक ऊर्जा को दर्शाना है। कला विशेषज्ञों के अनुसार, किसी महान व्यक्तित्व की प्रतिमा बनाते समय केवल शारीरिक स्वरूप ही नहीं, बल्कि उनके विचारों और व्यक्तित्व को भी उकेरना चुनौतीपूर्ण होता है।
मैसूर की कला परंपरा को मिलेगा सम्मान
अरुण योगीराज के इस विशेष उपहार से मैसूर की समृद्ध मूर्तिकला परंपरा को भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। मैसूर लंबे समय से अपनी कला, शिल्प और सांस्कृतिक विरासत के लिए प्रसिद्ध रहा है।
स्थानीय कलाकारों का कहना है कि प्रधानमंत्री को दी जाने वाली यह प्रतिमा मैसूर की कला प्रतिभा और भारतीय शिल्प कौशल का प्रतिनिधित्व करेगी।
रामलला की प्रतिमा के बाद बढ़ी लोकप्रियता
अयोध्या राम मंदिर के लिए रामलला की मूर्ति बनाने के बाद अरुण योगीराज देशभर में चर्चित हुए। उनकी बनाई प्रतिमा को भक्तों और कला जगत से व्यापक सराहना मिली। अब स्वामी विवेकानंद की इस प्रतिमा के जरिए वह एक बार फिर अपनी कला का प्रदर्शन करने जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी को मिलने वाला यह उपहार भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत और आधुनिक भारत की कला प्रतिभा के संगम के रूप में देखा जा रहा है। मैसूर दौरे के दौरान यह विशेष क्षण कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण बनने की उम्मीद है।





