
Karnataka कर्नाटक: कर्नाटक के श्रृंगेरी विधानसभा क्षेत्र से जुड़ा वोट काउंटिंग विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। पोस्टल बैलेट वोटिंग में कथित गड़बड़ी के आरोपों को लेकर भाजपा विधायक डी.एन. जीवराज समेत तीन लोगों के खिलाफ पुलिस ने FIR दर्ज की है। इस मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर हलचल बढ़ा दी है।
मिली जानकारी के अनुसार, पोस्टल वोट काउंटिंग टेबल के एजेंट सुधीर कुमार मुरोली ने इस संबंध में चिकमंगलुरु शहर पुलिस स्टेशन में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि वोटों की गिनती और प्रक्रिया के दौरान गंभीर अनियमितताएं की गईं, जिससे चुनाव परिणाम प्रभावित हो सकते हैं।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू करते हुए विधायक डी.एन. जीवराज के अलावा उस समय के निर्वाचन अधिकारी वेद मूर्ति और तत्कालीन जिला निर्वाचन अधिकारी रमेश कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इन सभी पर पोस्टल बैलेट प्रक्रिया में कथित रूप से नियमों के उल्लंघन और गड़बड़ी करने के आरोप लगाए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामला दर्ज होने के बाद अब इसकी विस्तृत जांच की जा रही है और संबंधित दस्तावेजों तथा चुनावी रिकॉर्ड की समीक्षा की जाएगी। साथ ही, गवाहों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाई जा सके।
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। पोस्टल बैलेट प्रणाली, जिसे विशेष परिस्थितियों में मतदान के लिए उपयोग किया जाता है, पहले भी कई बार विवादों में रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस FIR के बाद राज्य की राजनीति में तनाव बढ़ सकता है, क्योंकि इसमें एक मौजूदा विधायक और पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों के नाम शामिल हैं। इससे जांच प्रक्रिया और अधिक संवेदनशील हो गई है।
वहीं, शिकायतकर्ता की ओर से यह दावा किया गया है कि यदि पोस्टल वोटों की गिनती सही तरीके से होती, तो चुनाव परिणाम भिन्न हो सकते थे। इसी आधार पर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
फिलहाल पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी संबंधित पक्षों से पूछताछ की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर ली है। चुनाव आयोग की भूमिका और उस समय की पूरी प्रक्रिया की भी जांच की संभावना जताई जा रही है।
इस घटना ने श्रृंगेरी क्षेत्र में राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है और सभी दल इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच में क्या निष्कर्ष सामने आता है और यह मामला आगे किस दिशा में जाता है।





