
Karnataka कर्नाटक: कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा शुक्रवार शाम एक बड़े उत्सव के हिस्से के रूप में शहर पहुंचे, जहां भारतीय जनता पार्टी (BJP) कार्यकर्ताओं और विभिन्न कला समूहों ने उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान शहर में माहौल उत्सव जैसा बन गया और हजारों की संख्या में लोग कार्यक्रम में शामिल हुए।
स्वागत जुलूस को मैसूर दशहरा की शैली में तैयार किया गया था, जिसमें पारंपरिक संस्कृति और सामाजिक संदेशों का मिश्रण देखने को मिला। जुलूस की शुरुआत होलालकेरे रोड स्थित कनक सर्कल से हुई और यह मदकरी सर्कल (BD रोड) तक पहुंचा।
यात्रा मार्ग के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा ने कई ऐतिहासिक और महान नेताओं की मूर्तियों पर माल्यार्पण किया। उन्होंने संगोली रायन्ना, महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव अंबेडकर और मदकरी नायक की प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
इस भव्य जुलूस में सांस्कृतिक विविधता का विशेष प्रदर्शन देखने को मिला। करीब 1008 महिलाएं पूर्ण कुंभ लेकर पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुईं। इसके अलावा लगभग 500 किसान हल लेकर जुलूस में चले, जो कृषि और ग्रामीण जीवन के प्रतीक के रूप में देखा गया।
साथ ही 250 महिलाएं वीर महिला ओनाके ओबाव्वा की वेशभूषा में शामिल हुईं, जिन्होंने अपने साहस और पराक्रम का संदेश दिया। इस पूरे आयोजन में विभिन्न लोक कलाकारों और सांस्कृतिक समूहों ने भी अपनी प्रस्तुतियों से माहौल को जीवंत बना दिया।
भारी भीड़ और उत्साह के बीच पूरा शहर राजनीतिक और सांस्कृतिक रंग में रंगा नजर आया। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम किए गए थे, ताकि जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह जुलूस केवल राजनीतिक आयोजन नहीं बल्कि सांस्कृतिक एकता और परंपरा का प्रदर्शन भी था। आयोजन में शामिल लोगों ने इसे एक ऐतिहासिक और यादगार अवसर बताया।
कुल मिलाकर, बी.एस. येदियुरप्पा के स्वागत में निकला यह भव्य जुलूस राजनीतिक समर्थन के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का बड़ा प्रदर्शन बनकर सामने आया।





