कर्नाटक

750 किमी फुटपाथ कब्जामुक्त, बेंगलुरु में निगरानी तेज

Kavita2
4 Aug 2026 11:56 AM IST
750 किमी फुटपाथ कब्जामुक्त, बेंगलुरु में निगरानी तेज
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बेंगलुरु। शहर में पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित और सुगम रास्ते उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाए गए ‘सेफ फुटपाथ’ अभियान के तहत ग्रेटर बेंगलुरु क्षेत्र में 750 किलोमीटर से अधिक फुटपाथ से अवैध कब्जे हटाए गए हैं। एक महीने तक चले इस अभियान के बाद अब प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती इन फुटपाथों को दोबारा कब्जों से बचाए रखना है।

बेंगलुरु विकास मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने बताया कि 1 जुलाई से 31 जुलाई तक चलाए गए विशेष अभियान के दौरान शहर के विभिन्न हिस्सों में फुटपाथों को खाली कराया गया। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य केवल अतिक्रमण हटाना नहीं था, बल्कि पैदल चलने वालों के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करना भी था।

उन्होंने कहा कि फुटपाथों पर कब्जे का सबसे अधिक असर बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांग नागरिकों पर पड़ता है। कई जगहों पर लोगों को मजबूरी में सड़क पर चलना पड़ता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। अभियान के बाद कई क्षेत्रों में पैदल यात्रियों के लिए रास्ते पहले से अधिक खुले और सुरक्षित हुए हैं।

हालांकि, मंत्री ने यह भी स्वीकार किया कि फुटपाथों को लंबे समय तक कब्जामुक्त बनाए रखना एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि केवल एक बार अभियान चलाने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकता। इसके लिए लगातार निगरानी, नियमित निरीक्षण और समय-समय पर सफाई अभियान चलाना जरूरी है।

अधिकारियों के अनुसार, शहर के कई इलाकों में अतिक्रमण हटाने के बाद कुछ समय में दोबारा कब्जे की शिकायतें सामने आई हैं। दुकानदारों द्वारा फुटपाथ पर सामान फैलाने, अस्थायी ढांचे लगाने और अन्य गतिविधियों के कारण पैदल चलने वालों की परेशानी बनी रहती है।

नागरिकों की लगातार शिकायतों के बाद ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी ने अब अचानक निरीक्षण अभियान शुरू किया है। अधिकारियों की टीम बिना पूर्व सूचना के विभिन्न इलाकों में पहुंचकर स्थिति की जांच कर रही है। जहां दोबारा कब्जे पाए जा रहे हैं, वहां तत्काल कार्रवाई की जा रही है।

हाल ही में चलाए गए ऐसे ही एक अभियान के दौरान सड़क किनारे सामान बेचने वाले और फुटपाथ पर कब्जा करने वाले लोग अचानक हुई कार्रवाई से हैरान रह गए। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर अवैध रूप से रखे गए सामान और अस्थायी ढांचों को हटाया।

प्रशासन का कहना है कि फुटपाथ सार्वजनिक सुविधा का हिस्सा हैं और इनका इस्तेमाल केवल पैदल यात्रियों के लिए होना चाहिए। शहर में बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या के बीच पैदल चलने वालों के लिए सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है।

शहरी विकास विशेषज्ञों का कहना है कि बेंगलुरु जैसे तेजी से बढ़ते शहर में पैदल यातायात व्यवस्था को मजबूत करना आवश्यक है। अच्छी फुटपाथ व्यवस्था न केवल लोगों की सुविधा बढ़ाती है, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं को कम करने में भी मदद करती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, अतिक्रमण हटाने के साथ-साथ वैकल्पिक व्यवस्था पर भी ध्यान देना जरूरी है। छोटे दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी वालों के लिए उचित स्थान उपलब्ध कराने से समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सकता है।

ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी अब फुटपाथों की नियमित निगरानी के लिए अलग व्यवस्था तैयार करने पर विचार कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्रीय स्तर पर जिम्मेदारी तय की जाएगी, ताकि किसी भी इलाके में दोबारा कब्जा होने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने कहा कि अभियान का उद्देश्य किसी की आजीविका प्रभावित करना नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्थानों का सही उपयोग सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि शहर में विकास और नागरिक सुविधाओं के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है।

अभियान के दौरान प्रशासन ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि फुटपाथ केवल खाली जगह नहीं, बल्कि शहर की परिवहन व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। पैदल चलने वालों को सुरक्षित रास्ता उपलब्ध कराना किसी भी आधुनिक शहर की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

बेंगलुरु में ‘सेफ फुटपाथ’ अभियान को नागरिकों से भी समर्थन मिला है। कई लोगों ने इसे शहर में पैदल यात्रियों की सुविधा सुधारने की दिशा में सकारात्मक कदम बताया है। हालांकि, अब सभी की नजर इस बात पर है कि प्रशासन इन फुटपाथों को भविष्य में कितनी प्रभावी तरीके से कब्जामुक्त बनाए रख पाता है।

लगातार निरीक्षण और कार्रवाई के जरिए ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी का लक्ष्य है कि शहर के फुटपाथ स्थायी रूप से पैदल यात्रियों के लिए उपलब्ध रहें और लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।

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