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कर्नाटक में ग्रामीण सरकारी स्कूलों के छात्रों को 7.5% आरक्षण

Kavita2
12 Oct 2026 10:57 AM IST
कर्नाटक में ग्रामीण सरकारी स्कूलों के छात्रों को 7.5% आरक्षण
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बेंगलुरु। कर्नाटक सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के अवसर बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य सरकार ने मेडिकल, इंजीनियरिंग और कृषि विज्ञान जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए ग्रामीण सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को 7.5 प्रतिशत आंतरिक आरक्षण देने की व्यवस्था की है। शिक्षा मंत्री मधु बंगारप्पा ने इस फैसले की घोषणा की। सरकार की ओर से जारी अंतिम अधिसूचना के अनुसार, यह आरक्षण पहले से लागू 15 प्रतिशत ग्रामीण आरक्षण के भीतर ही दिया जाएगा।

इस फैसले से ग्रामीण सरकारी स्कूलों में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को व्यावसायिक शिक्षा के क्षेत्र में प्रवेश पाने के लिए अतिरिक्त अवसर मिल सकेंगे। राज्य सरकार ने इस संबंध में पहले मसौदा अधिसूचना जारी की थी। प्राप्त आपत्तियों और सुझावों की समीक्षा के बाद आठ अक्टूबर को अंतिम अधिसूचना जारी कर दी गई। अधिसूचना उच्च शिक्षा विभाग की ओर से जारी की गई है।

ग्रामीण विद्यार्थियों को मिलेगा 7.5 प्रतिशत आंतरिक आरक्षण

कर्नाटक सरकार की नई व्यवस्था के तहत ग्रामीण सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए 7.5 प्रतिशत आंतरिक आरक्षण निर्धारित किया गया है। यह आरक्षण मेडिकल, इंजीनियरिंग और कृषि विज्ञान जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए लागू होगा।

इस व्यवस्था का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराना है। ग्रामीण इलाकों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में आरक्षण की यह व्यवस्था उनके लिए अवसर बढ़ाने का माध्यम बन सकती है।

हालांकि, यह 7.5 प्रतिशत आरक्षण मौजूदा 15 प्रतिशत ग्रामीण आरक्षण के भीतर ही दिया जाएगा। इसका अर्थ है कि ग्रामीण आरक्षण की कुल सीमा को बढ़ाने के बजाय उसके अंतर्गत सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए अलग से हिस्सा निर्धारित किया गया है।

17 सितंबर को जारी हुआ था मसौदा

इस फैसले से पहले कर्नाटक सरकार ने 17 सितंबर को एक मसौदा अधिसूचना जारी की थी। इसका नाम ‘कर्नाटक में सरकारी प्रोफेशनल शिक्षण संस्थानों में सरकारी सीटों पर एडमिशन के लिए उम्मीदवारों का चयन (संशोधन) नियम, 2026’ रखा गया था।

मसौदा अधिसूचना जारी होने के बाद संबंधित पक्षों से आपत्तियां और सुझाव मांगे गए थे। सरकार ने प्राप्त आपत्तियों और सुझावों की समीक्षा की। इसके बाद आठ अक्टूबर को अंतिम अधिसूचना जारी कर दी गई।

इस प्रक्रिया के तहत प्रस्तावित नियमों की समीक्षा के बाद सरकार ने ग्रामीण सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए 7.5 प्रतिशत आंतरिक आरक्षण की व्यवस्था को अंतिम रूप दिया है। अब इस प्रावधान को लागू करने के लिए संबंधित प्रवेश प्रक्रिया में अधिसूचना के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

मौजूदा 15 प्रतिशत ग्रामीण आरक्षण के भीतर होगी व्यवस्था

कर्नाटक में ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए पहले से 15 प्रतिशत ग्रामीण आरक्षण की व्यवस्था मौजूद है। नई अधिसूचना के तहत इसी आरक्षण के भीतर ग्रामीण सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए 7.5 प्रतिशत आंतरिक आरक्षण निर्धारित किया गया है।

इस व्यवस्था में ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले सभी विद्यार्थियों के बजाय ग्रामीण सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसका उद्देश्य सरकारी स्कूलों में शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की व्यावसायिक शिक्षा तक पहुंच बढ़ाना है।

मौजूदा ग्रामीण आरक्षण के भीतर अलग हिस्सा तय करने से प्रवेश प्रक्रिया में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की पात्रता और उनके अवसरों को स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, पात्रता की विस्तृत शर्तों और आवेदन की प्रक्रिया के संबंध में विद्यार्थियों को आधिकारिक अधिसूचना के प्रावधानों को देखना होगा।

मेडिकल और इंजीनियरिंग में प्रवेश के अवसर

मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य के लिहाज से महत्वपूर्ण होता है। कृषि विज्ञान से जुड़े पाठ्यक्रम भी विद्यार्थियों को विशेष क्षेत्र में आगे की पढ़ाई और करियर बनाने का अवसर देते हैं।

ग्रामीण सरकारी स्कूलों से पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आरक्षण उपलब्ध कराना राज्य सरकार की पहल का मुख्य उद्देश्य है। इससे इन विद्यार्थियों को व्यावसायिक शिक्षा के क्षेत्र में अपनी जगह बनाने के लिए अतिरिक्त अवसर मिल सकते हैं।

सरकार के इस फैसले से उन विद्यार्थियों को लाभ मिलने की उम्मीद है, जिन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की है और मेडिकल, इंजीनियरिंग या कृषि विज्ञान जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ना चाहते हैं। हालांकि, वास्तविक लाभ पात्रता शर्तों, प्रवेश नियमों और उपलब्ध सरकारी सीटों के अनुसार तय होगा।

उच्च शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने की दिशा में कदम

कर्नाटक सरकार की यह व्यवस्था ग्रामीण सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सरकार ने मसौदा अधिसूचना पर प्राप्त सुझावों और आपत्तियों की समीक्षा करने के बाद अंतिम अधिसूचना जारी की है।

आठ अक्टूबर को जारी अधिसूचना के तहत 7.5 प्रतिशत आंतरिक आरक्षण पहले से लागू 15 प्रतिशत ग्रामीण आरक्षण के भीतर रखा गया है। इससे ग्रामीण सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के अवसर बढ़ाने का प्रयास किया गया है।

अब प्रवेश प्रक्रिया के दौरान इस व्यवस्था को किस तरह लागू किया जाता है, यह संबंधित नियमों और पात्रता मानदंडों के आधार पर स्पष्ट होगा। फिलहाल सरकार के इस फैसले से ग्रामीण सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के अवसरों को मजबूत करने की उम्मीद है।

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