कर्नाटक

Hubballi में होली के 200 साल पुराने कामन्ना उत्सव की धूम

SHIDDHANT
2 March 2026 11:23 PM IST
Hubballi में होली के 200 साल पुराने कामन्ना उत्सव की धूम
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Hubli हुब्बली: होली का उत्सव न केवल रंगों तक सीमित है, बल्कि इसका ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व भी है। स्थानीय समुदाय द्वारा मनाए जाने वाले कामन्ना उत्सव की परंपरा लगभग 200 वर्षों पुरानी है।
इस उत्सव में ओल्ड मेदार ओनी और न्यू मेदार ओनी में स्थापित विशाल कामन्ना मूर्तियां विशेष आकर्षण का केंद्र हैं। ये मूर्तियां न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक हैं, बल्कि शहर की सांस्कृतिक विरासत को भी दर्शाती हैं। प्रत्येक वर्ष होली के मौके पर स्थानीय लोग इन मूर्तियों के आसपास आयोजन करते हैं, जिसमें भजन, कीर्तन और पारंपरिक नृत्य शामिल होते हैं।
स्थानीय निवासी बताते हैं कि कामन्ना का उत्सव सिर्फ रंगों तक सीमित नहीं है। यह सामुदायिक एकता, सामाजिक मेल-जोल और धार्मिक परंपराओं को जीवित रखने का अवसर भी प्रदान करता है। लोगों का विश्वास है कि इस त्योहार के माध्यम से न केवल भगवान को प्रसन्न किया जाता है, बल्कि समाज में सौहार्द्र और भाईचारे को भी बढ़ावा मिलता है।
विशेष रूप से, ओल्ड मेदार ओनी और न्यू मेदार ओनी में स्थित मूर्तियां हॉलिका दहन और होली उत्सव के दौरान विशेष पूजा और सजावट की जाती हैं। इन मूर्तियों की स्थापना और रखरखाव में स्थानीय युवाओं और वृद्ध जनों की सक्रिय भागीदारी रहती है।
हर साल हजारों लोग इस उत्सव में भाग लेने के लिए आते हैं और रंगों, भजन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और पारंपरिक रीतियों का आनंद लेते हैं। यह आयोजन कर्नाटक के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पर्वों में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है और शहर की समृद्ध लोक संस्कृति को उजागर करता है। हुब्बली का कामन्ना उत्सव दर्शाता है कि कैसे सदियों पुरानी परंपराएं आधुनिक समय में भी जीवित हैं और समाज के हर वर्ग को जोड़ने का माध्यम बनती हैं।
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