
Karnataka कर्नाटक: केम्पेगौड़ा जयंती के मौके पर कर्नाटक में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने शुक्रवार को जानकारी देते हुए कहा कि बेंगलुरु विकास प्राधिकरण (BDA) 27 जून को केम्पेगौड़ा दिवस मना रहा है और इस अवसर पर 15 लाख पौधे लगाए जाएंगे।
शहर में शुक्रवार को वर्ल्ड एनवायरनमेंट डे के मौके पर भी पौधारोपण और पर्यावरण जागरूकता अभियान चलाया गया। विधान सौध में केंगल हनुमंतैया की मूर्ति के पास मुख्यमंत्री ने पौधा लगाते हुए कहा कि सभी नागरिकों को पर्यावरण की रक्षा करते हुए राज्य को हरा-भरा बनाने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने हर घर में कम से कम एक पेड़ लगाने की अपील की और कहा कि यह हमारे भविष्य और आने वाली पीढ़ियों के लिए ज़रूरी है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस मौके पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के साथ एयरपोर्ट पर भी एक पौधा लगाया गया। उन्होंने कहा कि वर्ल्ड एनवायरनमेंट डे केवल एक दिन का अवसर नहीं है, बल्कि यह हमें रोज़ाना पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाने की याद दिलाता है।
कर्नाटक में राज्य सरकार ने इस वर्ष पर्यावरणीय सुधारों के लिए कई बड़े प्रोजेक्ट शुरू किए हैं। कर्नाटक हाई कोर्ट, कर्नाटक स्टेट लीगल सर्विसेज़ अथॉरिटी, फॉरेस्ट डिपार्टमेंट, यूनिवर्सिटी ऑफ़ एनिमल एंड फिशरीज़ साइंसेज और कर्नाटक वेटरनरी बोर्ड ने मिलकर राज्यव्यापी एनवायरनमेंटल प्रोजेक्ट लॉन्च किया है। इस प्रोजेक्ट के तहत पूरे राज्य में पांच करोड़ पौधे लगाने और पानी के स्रोतों को पुनर्जीवित करने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान न केवल पर्यावरण को हरा-भरा बनाएगा, बल्कि पानी के संरक्षण और जैव विविधता को भी बढ़ावा देगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने स्तर पर भी जल संरक्षण और वृक्षारोपण के प्रयास करें।
BDA के अधिकारियों ने बताया कि 27 जून को आयोजित केम्पेगौड़ा दिवस में स्कूलों, कॉलेजों और विभिन्न संस्थानों के लोग भी हिस्सा लेंगे। इस दौरान विशेष रूप से सार्वजनिक स्थानों, सड़कों और पार्कों में पौधे लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वृक्षारोपण केवल पेड़ लगाने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उनकी देखभाल और संरक्षण भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
इस अभियान से राज्य में पर्यावरण सुधार के प्रयासों को नई दिशा मिलेगी। आने वाले महीनों में योजना के तहत पौधारोपण के साथ-साथ पर्यावरणीय शिक्षा और जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि नागरिक इस पहल में सक्रिय भागीदारी निभाएंगे और राज्य को एक हरा-भरा भविष्य देंगे।





