
बेंगलुरु। कर्नाटक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया के तहत बड़ी संख्या में फॉर्म-7 आवेदन दाखिल किए गए हैं। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय ने शुक्रवार को जानकारी दी कि मतदाता सूची में नाम शामिल करने पर आपत्ति दर्ज कराने या पहले से मौजूद नामों को हटाने के लिए कुल 1,10,654 फॉर्म-7 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसके साथ ही राज्य में मतदाता सूची संशोधन से संबंधित नोटिस वितरण का काम भी लगभग पूरा हो चुका है। निर्वाचन कार्यालय के अनुसार, अब तक 43,73,745 नोटिस वितरित किए जा चुके हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी वी. अंबुकुमार के बयान का हवाला देते हुए जारी विज्ञप्ति में राज्य के मतदाताओं की कुल संख्या और संशोधन प्रक्रिया से जुड़े आंकड़े साझा किए गए हैं। इसके अनुसार, 9 अक्टूबर तक कर्नाटक में कुल 4,51,61,393 मतदाता दर्ज थे। इनमें पुरुष, महिला और थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं।
वोटर लिस्ट से जुड़े 1,10,654 फॉर्म-7 आवेदन
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के तहत राज्य में कुल 1,10,654 फॉर्म-7 आवेदन दाखिल किए गए हैं।
फॉर्म-7 का उपयोग मतदाता सूची में किसी नाम को शामिल किए जाने पर आपत्ति दर्ज कराने या पहले से दर्ज किसी मतदाता का नाम हटाने का अनुरोध करने के लिए किया जाता है।
इस प्रक्रिया में आवेदन प्राप्त होने के बाद संबंधित निर्वाचन अधिकारियों द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार उनकी जांच की जाती है। आवेदन दाखिल होने का अर्थ यह नहीं है कि संबंधित मतदाता का नाम स्वतः सूची से हटा दिया गया है।
फॉर्म-7 से जुड़े आवेदनों पर निर्णय लेने से पहले निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक होता है। इसलिए राज्य में प्राप्त 1,10,654 आवेदनों को मतदाता सूची से हटाए गए नामों की संख्या के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
कर्नाटक में 4.51 करोड़ से अधिक मतदाता
निर्वाचन कार्यालय की विज्ञप्ति के अनुसार, 9 अक्टूबर तक कर्नाटक में कुल 4,51,61,393 मतदाता दर्ज थे।
इनमें 2,24,03,422 पुरुष मतदाता, 2,27,55,113 महिला मतदाता और 2,858 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं।
इन आंकड़ों के अनुसार, राज्य में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुष मतदाताओं से अधिक है। पुरुष और महिला मतदाताओं की संख्या के बीच 3,51,691 का अंतर है।
निर्वाचन कार्यालय की ओर से जारी ये आंकड़े राज्य की मतदाता सूची की स्थिति को दर्शाते हैं। मतदाता सूची के संशोधन की प्रक्रिया के दौरान नाम जोड़ने, हटाने और विवरण में सुधार से संबंधित आवेदनों का निस्तारण निर्धारित नियमों के तहत किया जाता है।
43.82 लाख नोटिस तैयार किए गए
मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में नोटिस भी तैयार किए गए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, राज्य में कुल 43,82,315 नोटिस तैयार किए गए थे।
इनमें से 43,73,745 नोटिस संबंधित व्यक्तियों तक पहुंचाए जा चुके हैं। निर्वाचन कार्यालय ने बताया कि नोटिस वितरण का 99.80 प्रतिशत काम पूरा हो गया है।
इस आंकड़े के अनुसार, कुल तैयार नोटिसों में से 8,570 नोटिस का वितरण शेष था।
नोटिस वितरण की यह प्रक्रिया मतदाता सूची के संशोधन से जुड़े प्रशासनिक कार्यों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके माध्यम से संबंधित व्यक्तियों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जानकारी उपलब्ध कराई जाती है।
हालांकि, जारी विवरण में सभी नोटिसों के कारणों और श्रेणियों का अलग-अलग आंकड़ा नहीं दिया गया है।
99.80 प्रतिशत नोटिस वितरण पूरा
कर्नाटक में मतदाता सूची संशोधन के दौरान नोटिस वितरण का कार्य लगभग पूरा होने की जानकारी सामने आई है। निर्वाचन कार्यालय ने बताया कि कुल 43,82,315 नोटिसों में से 43,73,745 नोटिस बांटे जा चुके हैं।
इस प्रकार नोटिस वितरण की प्रक्रिया 99.80 प्रतिशत तक पूरी हो गई है।
हालांकि, नोटिस वितरित होने और उनसे संबंधित मामलों का अंतिम निस्तारण होने में अंतर है। नोटिस मिलने के बाद संबंधित व्यक्ति को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अपना पक्ष रखने या आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर मिल सकता है।
इसलिए नोटिस वितरण के आंकड़ों को मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के अंतिम निर्णय के रूप में नहीं समझा जाना चाहिए।
फॉर्म-7 का क्या है उद्देश्य?
भारतीय निर्वाचन व्यवस्था में फॉर्म-7 का उपयोग मतदाता सूची से संबंधित आपत्तियों और नाम हटाने के अनुरोधों के लिए किया जाता है।
यदि किसी व्यक्ति को मतदाता सूची में किसी नाम के शामिल किए जाने पर आपत्ति है या किसी पहले से दर्ज नाम को हटाने के लिए निर्धारित आधार मौजूद है, तो संबंधित प्रक्रिया के तहत फॉर्म-7 प्रस्तुत किया जा सकता है।
ऐसे आवेदनों की जांच निर्वाचन अधिकारियों द्वारा की जाती है। आवेदन में दी गई जानकारी और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए निर्णय लिया जाता है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य मतदाता सूची की शुद्धता बनाए रखना है। साथ ही यह भी आवश्यक है कि पात्र मतदाताओं के नाम बिना उचित प्रक्रिया के सूची से न हटाए जाएं।
मतदाता सूची संशोधन पर निर्वाचन कार्यालय की नजर
कर्नाटक में जारी विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से संबंधित आवेदनों और नोटिस वितरण के आंकड़े सामने आए हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी वी. अंबुकुमार के बयान के आधार पर जारी विज्ञप्ति में कुल मतदाताओं की संख्या, फॉर्म-7 आवेदनों और नोटिस वितरण की प्रगति की जानकारी दी गई है।
फिलहाल उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, राज्य में 1,10,654 फॉर्म-7 आवेदन दाखिल किए गए हैं। हालांकि, इनमें से कितने आवेदन स्वीकार किए गए, कितने खारिज हुए और कितने अभी विचाराधीन हैं, इसका विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है।
इन आवेदनों पर अंतिम निर्णय की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही मतदाता सूची पर इनके वास्तविक प्रभाव का आकलन किया जा सकेगा।
आगे की प्रक्रिया पर रहेगी नजर
कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, राज्य में मतदाता सूची संशोधन का काम जारी है। नोटिस वितरण का लगभग पूरा कार्य संपन्न हो चुका है, जबकि फॉर्म-7 के माध्यम से बड़ी संख्या में आपत्तियां और नाम हटाने के अनुरोध प्राप्त हुए हैं।
9 अक्टूबर तक राज्य में कुल 4,51,61,393 मतदाता दर्ज थे। इनमें महिला मतदाताओं की संख्या पुरुष मतदाताओं से अधिक रही।
अब फॉर्म-7 आवेदनों के निस्तारण और शेष नोटिस वितरण की स्थिति महत्वपूर्ण होगी। निर्वाचन कार्यालय की ओर से आगे जारी होने वाली जानकारी से स्पष्ट होगा कि प्राप्त आवेदनों में कितने मामलों पर अंतिम निर्णय लिया गया और मतदाता सूची में क्या बदलाव हुए।





