
उडुपी। कर्नाटक के उडुपी जिले में नियमों का उल्लंघन कर संचालित किए जा रहे होमस्टे और रिसॉर्ट्स के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला अधिकारियों ने डिप्टी लोकायुक्त जस्टिस बी. वीरप्पा को बताया कि बिना जरूरी नियमों और अनुमति के चल रहे कुल 109 होमस्टे और 21 रिसॉर्ट्स को बंद कर दिया गया है। अधिकारियों ने यह जानकारी मामले की सुनवाई के दौरान संयुक्त बयान के जरिए दी।
अधिकारियों के अनुसार, जिले में पर्यटन गतिविधियों के बढ़ने के साथ बड़ी संख्या में होमस्टे और रिसॉर्ट्स संचालित हो रहे हैं। इनमें से कई पर आवश्यक लाइसेंस और नियमों का पालन नहीं करने के आरोप सामने आए थे। शिकायतों के बाद प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की और जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों को बंद कराया गया।
कई विभागों के अधिकारियों ने दिया संयुक्त बयान
मामले में उडुपी के असिस्टेंट कमिश्नर, पर्यटन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर, MESCOM के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, उडुपी के डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस और उडुपी तालुक पंचायत के एग्जीक्यूटिव अधिकारियों ने डिप्टी लोकायुक्त के सामने संयुक्त बयान दिया।
अधिकारियों ने बताया कि प्रशासन ने शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिले में संचालित होमस्टे और रिसॉर्ट्स की जांच की। जांच के दौरान नियमों का पालन नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों की पहचान की गई और उनके खिलाफ कार्रवाई की गई।
अधिकारियों की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक 109 होमस्टे और 21 रिसॉर्ट्स को बंद किया जा चुका है। प्रशासन की इस कार्रवाई को जिले में पर्यटन कारोबार को नियमों के दायरे में लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
शिकायतों के बाद उप लोकायुक्त ने लिया स्वत: संज्ञान
डिप्टी लोकायुक्त ने जिले में अवैध रूप से संचालित रिसॉर्ट्स और होमस्टे तथा बिना उपचारित कचरे और सीवेज को समुद्र में छोड़े जाने की शिकायतों के बाद स्वत: संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया था।
शिकायतों में आरोप लगाया गया था कि कुछ पर्यटन प्रतिष्ठानों में पर्यावरणीय नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। विशेष रूप से बिना ट्रीट किए गए कचरे और सीवेज के समुद्र में जाने की शिकायत ने पर्यावरणीय चिंताओं को बढ़ा दिया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डिप्टी लोकायुक्त ने हाल ही में उडुपी जिले का अचानक दौरा किया और विभिन्न स्थानों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जमीनी स्तर पर स्थिति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों से आवश्यक जानकारी प्राप्त की।
अचानक निरीक्षण के बाद अधिकारियों से मांगी गई जानकारी
डिप्टी लोकायुक्त के निरीक्षण के बाद संबंधित विभागों के अधिकारियों को मामले में की गई कार्रवाई की जानकारी देने के लिए बुलाया गया। हाल ही में अधिकारी उप लोकायुक्त के सामने पेश हुए और जिले में उठाए गए कदमों की जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि शिकायतों के आधार पर नियमों के उल्लंघन वाले प्रतिष्ठानों की पहचान की गई और उन्हें बंद करने की कार्रवाई की गई। इसके साथ ही यह भी बताया गया कि वर्तमान में संचालित होमस्टे और रिसॉर्ट्स में जरूरी लाइसेंस और अनुमतियों की स्थिति की जांच की जा रही है।
227 होमस्टे और 42 रिसॉर्ट्स के पास जरूरी लाइसेंस
अधिकारियों ने उप लोकायुक्त को यह भी बताया कि वर्तमान में जिले में 227 होमस्टे और 42 रिसॉर्ट्स संबंधित विभागों से आवश्यक लाइसेंस प्राप्त करने के बाद संचालित हो रहे हैं।
इससे स्पष्ट होता है कि जिले में पर्यटन क्षेत्र काफी व्यापक है और बड़ी संख्या में लोग होमस्टे तथा रिसॉर्ट कारोबार से जुड़े हुए हैं। प्रशासन की ओर से अब यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है कि पर्यटन गतिविधियां निर्धारित नियमों और पर्यावरणीय मानकों के अनुसार ही संचालित हों।
समुद्र में सीवेज छोड़ने की शिकायत गंभीर
उडुपी तटीय जिला होने के कारण यहां समुद्र और पर्यावरण से जुड़े मुद्दे विशेष महत्व रखते हैं। बिना उपचारित सीवेज या कचरे को समुद्र में छोड़ना समुद्री पर्यावरण के साथ-साथ स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर समस्या बन सकता है।
डिप्टी लोकायुक्त के स्वत: संज्ञान में लिए गए मामले में यही शिकायत प्रमुख रूप से सामने आई थी। इसलिए प्रशासन की कार्रवाई सिर्फ अवैध होमस्टे और रिसॉर्ट्स को बंद करने तक सीमित नहीं है, बल्कि कचरा और सीवेज प्रबंधन की व्यवस्था की निगरानी भी महत्वपूर्ण होगी।
कई विभागों की भूमिका महत्वपूर्ण
मामले में कई विभागों के अधिकारी शामिल हैं। पर्यटन विभाग जहां होमस्टे और रिसॉर्ट्स के लाइसेंस और संचालन से जुड़े नियमों की निगरानी करता है, वहीं स्थानीय प्रशासन, पंचायत, पुलिस और बिजली विभाग की भी अलग-अलग जिम्मेदारियां हैं।
सभी विभागों के संयुक्त बयान से संकेत मिलता है कि मामले को बहु-विभागीय स्तर पर देखा जा रहा है। अवैध रूप से संचालित प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई में संबंधित विभागों के बीच समन्वय महत्वपूर्ण रहेगा।
नियमों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर
उडुपी में पर्यटन क्षेत्र के विस्तार के साथ प्रशासन के सामने विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती है। होमस्टे और रिसॉर्ट्स स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के लिए महत्वपूर्ण हैं, लेकिन इनके संचालन में नियमों का पालन भी जरूरी है।
अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, नियमों का उल्लंघन करने वाले 109 होमस्टे और 21 रिसॉर्ट्स बंद किए जा चुके हैं, जबकि 227 होमस्टे और 42 रिसॉर्ट्स आवश्यक लाइसेंस के साथ संचालित हो रहे हैं।
अब इस मामले में आगे की कार्रवाई और निगरानी पर नजर रहेगी। डिप्टी लोकायुक्त के स्वत: संज्ञान और जिले के औचक निरीक्षण के बाद प्रशासन पर यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी बढ़ गई है कि पर्यटन प्रतिष्ठान कानूनी अनुमति के साथ-साथ पर्यावरणीय मानकों का भी पालन करें।





