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कर्नाटक में 3 महीने में 1,000 संदिग्ध अवैध इमिग्रेंट्स की पहचान

Kavita2
8 Aug 2026 3:08 PM IST
कर्नाटक में 3 महीने में 1,000 संदिग्ध अवैध इमिग्रेंट्स की पहचान
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बेंगलुरु। कर्नाटक सरकार ने राज्य में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने का दावा किया है। राज्य के मंत्री प्रियांक खड़गे ने कहा कि पिछले तीन महीनों से चल रहे सख्त निरीक्षण और तलाशी अभियान के दौरान कर्नाटक में करीब 1,000 संदिग्ध अवैध इमिग्रेंट्स की पहचान की गई है। इनमें बांग्लादेश और अफ्रीकी देशों से आए होने के संदिग्ध लोग भी शामिल हैं।

बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत के दौरान प्रियांक खड़गे ने कहा कि सरकार अवैध इमिग्रेशन के मामले में जीरो-टॉलरेंस की नीति अपना रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभियान कुछ समय के लिए चलने वाली कार्रवाई नहीं है, बल्कि आगे भी लगातार जारी रहेगा।

तीन महीने से चल रहा सख्त अभियान

प्रियांक खड़गे के मुताबिक, राज्य में पिछले तीन महीनों से संदिग्ध अवैध इमिग्रेंट्स की पहचान के लिए निरीक्षण और सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत अलग-अलग क्षेत्रों में लोगों के दस्तावेज और उनकी पहचान से जुड़ी जानकारी की जांच की जा रही है।

मंत्री ने कहा कि अभियान के दौरान अब तक करीब 1,000 लोगों की पहचान की गई है, जिनकी नागरिकता और राज्य में रहने की वैधता को लेकर जांच की जा रही है।

उन्होंने कहा कि बांग्लादेश से अवैध रूप से आने वाले लोगों के साथ-साथ अफ्रीकी देशों से आए संदिग्ध लोगों की भी तलाश की जा रही है। हालांकि, किसी व्यक्ति के संदिग्ध पाए जाने और उसके वास्तव में अवैध इमिग्रेंट होने के बीच अंतर होता है। संबंधित अधिकारियों की जांच और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।

सरकार की जीरो-टॉलरेंस नीति

मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अवैध इमिग्रेशन को लेकर किसी तरह की ढिलाई नहीं बरतेगी। उन्होंने अभियान को लगातार जारी रखने की बात कही।

प्रियांक खड़गे के अनुसार, सरकार का उद्देश्य राज्य में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान करना और उनके दस्तावेजों की स्थिति स्पष्ट करना है। इसके लिए संबंधित विभागों और सुरक्षा एजेंसियों के स्तर पर कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल किसी एक समुदाय या क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि अवैध रूप से रहने वाले विदेशी नागरिकों की पहचान के लिए व्यापक स्तर पर जांच की जा रही है।

बांग्लादेशी नागरिकों पर विशेष नजर

कर्नाटक में अवैध इमिग्रेशन को लेकर बांग्लादेशी नागरिकों का मुद्दा पहले भी चर्चा में रहा है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में पुलिस और प्रशासन की ओर से समय-समय पर पहचान और दस्तावेजों की जांच की कार्रवाई की जाती रही है।

मंत्री ने कहा कि मौजूदा अभियान में बांग्लादेश से आने वाले संदिग्ध अवैध इमिग्रेंट्स की भी तलाश की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जांच के दायरे में अफ्रीकी देशों से आने वाले संदिग्ध विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।

सरकार की ओर से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि संबंधित व्यक्ति किस देश का नागरिक है, वह भारत में कब और किस माध्यम से आया तथा उसके पास देश में रहने के लिए वैध दस्तावेज मौजूद हैं या नहीं।

पहचान और दस्तावेजों की जांच अहम

किसी विदेशी नागरिक की पहचान की पुष्टि के लिए उसके पासपोर्ट, वीजा, निवास संबंधी दस्तावेज और अन्य उपलब्ध रिकॉर्ड की जांच महत्वपूर्ण होती है। संदिग्ध मामलों में संबंधित एजेंसियां उपलब्ध जानकारी का मिलान करती हैं।

कर्नाटक सरकार के अभियान में भी इसी तरह दस्तावेजों की जांच और पहचान सत्यापन पर जोर दिया जा रहा है। जिन लोगों की नागरिकता या इमिग्रेशन स्थिति संदिग्ध है, उनके मामलों की आगे जांच की जाएगी।

सरकार का कहना है कि अभियान का मकसद कानून के तहत राज्य में रहने वाले लोगों और अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के बीच स्पष्ट अंतर करना है।

अभियान लंबे समय तक जारी रखने का दावा

प्रियांक खड़गे ने साफ किया कि सरकार का अभियान अस्थायी नहीं है। उन्होंने कहा कि तलाशी और निरीक्षण की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

इसका मतलब है कि आने वाले दिनों में भी राज्य के अलग-अलग हिस्सों में संदिग्ध विदेशी नागरिकों के दस्तावेजों की जांच की जा सकती है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस के स्तर पर भी अभियान को लेकर गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

सरकार के मुताबिक, अवैध इमिग्रेशन से जुड़े मामलों में कार्रवाई कानून और निर्धारित प्रक्रिया के तहत की जाएगी।

राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी महत्वपूर्ण मुद्दा

कर्नाटक में अवैध इमिग्रेशन का मुद्दा राजनीतिक रूप से भी संवेदनशील रहा है। विपक्षी दल समय-समय पर सरकार से राज्य में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान करने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग करते रहे हैं।

ऐसे में सरकार की ओर से करीब 1,000 संदिग्ध लोगों की पहचान किए जाने का दावा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, इन सभी लोगों को अवैध इमिग्रेंट मानना जांच पूरी होने के बाद ही संभव होगा।

आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई

मंत्री प्रियांक खड़गे के बयान से साफ है कि कर्नाटक सरकार ने अवैध इमिग्रेशन को लेकर अपनी कार्रवाई तेज करने का फैसला किया है। पिछले तीन महीनों में करीब 1,000 संदिग्ध लोगों की पहचान किए जाने के बाद अब उनकी नागरिकता और दस्तावेजों का सत्यापन आगे की कार्रवाई का आधार बनेगा।

सरकार का कहना है कि अवैध रूप से राज्य में रहने वाले विदेशी नागरिकों के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी और जांच अभियान को लगातार जारी रखा जाएगा। आने वाले समय में इस अभियान के तहत कितने मामलों में अवैध इमिग्रेशन की पुष्टि होती है और संबंधित लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर निगाह रहेगी।

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