
कोलार: कर्नाटक के कोलार जिले में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 10 टन संदिग्ध सिंथेटिक सुपारी जब्त की है। यह कार्रवाई मुलबागिलु क्षेत्र के पास नांगली चेक पोस्ट पर की गई। अधिकारियों के अनुसार, कोलकाता से बेंगलुरु जा रहे एक कंटेनर से यह सामग्री बरामद हुई है।
बताया जा रहा है कि जब्त की गई सुपारी में केमिकल और कृत्रिम रंगों के इस्तेमाल की आशंका जताई गई है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। कार्रवाई के दौरान कंटेनर चालक और क्लीनर को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सूचना मिली थी कि एक कंटेनर के जरिए संदिग्ध सुपारी को ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर मुलबागिलु तालुक के मेडिकल ऑफिसर डॉ. सुगुना के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई।
टीम ने नांगली चेक पोस्ट के पास निगरानी बढ़ाई और संदिग्ध कंटेनर को रोककर जांच शुरू की। तलाशी के दौरान कंटेनर में बड़ी मात्रा में सुपारी के पैकेट मिले।
अधिकारियों के अनुसार, कंटेनर में 96 पैकेट रखे हुए थे, जिनमें करीब 10 टन संदिग्ध सुपारी बरामद हुई।
कोलकाता से बेंगलुरु जा रहा था कंटेनर
जांच में सामने आया कि कंटेनर कोलकाता की महाराजा कैरिज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का था और इसे बेंगलुरु ले जाया जा रहा था।
अधिकारियों ने बताया कि कंटेनर में नीले, लाल और सामान्य रंग की सुपारी मिली। प्रारंभिक जांच में इसमें कृत्रिम रंग और अन्य रासायनिक पदार्थ मिलाए जाने की आशंका जताई गई है।
हालांकि, सामग्री की वास्तविक प्रकृति और इसमें इस्तेमाल किए गए रसायनों की पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
चालक और क्लीनर हिरासत में
कार्रवाई के बाद नांगली पुलिस ने कंटेनर चालक राजा बल्ला प्रसाद और क्लीनर को हिरासत में लिया है। पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि संदिग्ध सुपारी कहां से लाई गई थी और इसे कहां पहुंचाया जाना था।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस मामले में कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है या नहीं। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पान मसाला और गुटखा को लेकर पहले से निगरानी
राज्य में पान मसाला और गुटखा से जुड़े उत्पादों को लेकर समय-समय पर कार्रवाई होती रही है। इसी बीच नकली सुपारी की बरामदगी ने खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है।
अधिकारियों का कहना है कि ऐसे उत्पादों की बिक्री और सप्लाई रोकने के लिए निगरानी बढ़ाई जा रही है। बाजार में आने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच भी की जा रही है।
स्वास्थ्य के लिए खतरे की आशंका
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि सुपारी में हानिकारक रसायनों या कृत्रिम पदार्थों का इस्तेमाल किया गया है तो यह स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। ऐसे उत्पादों के सेवन से लोगों को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा हो सकता है।
इसी कारण खाद्य सुरक्षा विभाग संदिग्ध खाद्य पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई करता है और नमूनों की जांच कराई जाती है।
जांच के बाद साफ होगी स्थिति
फिलहाल जब्त की गई सुपारी के नमूने जांच के लिए भेजे जाने की तैयारी की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इसमें कौन-कौन से पदार्थ मिलाए गए थे और यह मानव उपयोग के लिए कितनी खतरनाक है।
स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के बाद अब पूरे मामले की जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में किसी बड़े गिरोह या अवैध सप्लाई नेटवर्क की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।





