
बेंगलुरु: प्रवर्तन निदेशालय (ED) के बेंगलुरु जोनल ऑफिस ने 5 अक्टूबर को शहर की विशेष PMLA अदालत में अयूब सैयद सहित पांच आरोपियों के खिलाफ एक सप्लीमेंट्री प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट (अभियोजन शिकायत) दायर की।
ED ने अपनी जांच की शुरुआत CBI की एंटी-करप्शन ब्रांच (ACB), बेंगलुरु द्वारा दर्ज की गई एक FIR के आधार पर की। यह FIR भारतीय दंड संहिता (IPC) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई थी, जो 'प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट' (PMLA), 2002 के तहत 'शेड्यूल्ड ऑफेंस' (अनुसूचित अपराध) माने जाते हैं।
ED की जांच से पता चला कि बेंगलुरु में स्टेट बैंक ऑफ मैसूर की HAL II स्टेज शाखा में, 'डॉ. बी.आर. अंबेडकर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड' (ADCL) के नाम से फर्जी दस्तावेज और पहचान का गलत इस्तेमाल करके एक फर्जी करंट अकाउंट खोला गया था। इसके बाद, ADCL के 5-5 करोड़ रुपये के चार फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) को फर्जी TDR/FDR दस्तावेजों और जाली 'प्री-क्लोजर' पत्रों का इस्तेमाल करके समय से पहले बंद कर दिया गया। एजेंसी ने बुधवार को एक आधिकारिक बयान में बताया कि इस तरह लगभग 14.95 करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई, जो PMLA के तहत 'प्रोसीड्स ऑफ क्राइम' (अपराध से प्राप्त रकम - PoC) है।





