
बहुरिया। मोतिया ओपी क्षेत्र के बहुरिया गांव में एक युवक की बेरहमी से पिटाई का मामला सामने आया है। आरोप है कि गांव के कुछ युवकों ने एक छात्रा का वीडियो बनाने के शक में युवक पर हमला कर दिया। लोहे की रॉड से की गई मारपीट में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घायल युवक की पहचान बहुरिया गांव निवासी नीतीश कुमार ठाकुर के रूप में हुई है। फिलहाल सदर अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है।
पीड़ित नीतीश कुमार ने बताया कि गांव के ही एक युवक ने स्कूल जा रही एक नाबालिग छात्रा का वीडियो बना लिया था। इसी बात को लेकर कुछ युवकों ने उसे पकड़ लिया और वीडियो बनाने का आरोप लगाते हुए उसके साथ मारपीट शुरू कर दी।
नीतीश के अनुसार, आरोपित युवकों ने उसके साथ लोहे की रॉड से हमला किया, जिससे उसके शरीर पर गंभीर चोटें आईं। हमले के बाद वह घायल होकर जमीन पर गिर गया। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह उसे बचाया और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया।
घटना की जानकारी मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और घायल युवक को सदर अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए इलाज शुरू किया। अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार जारी है।
घटना को लेकर पुलिस को भी सूचना दी गई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि विवाद की वास्तविक वजह क्या थी और मारपीट में कौन-कौन लोग शामिल थे।
स्थानीय लोगों के अनुसार, छात्रा का वीडियो बनाने को लेकर गांव में विवाद की स्थिति बनी थी। हालांकि पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि वीडियो किसने बनाया था और मारपीट करने वाले लोगों की भूमिका क्या थी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। यदि किसी के खिलाफ कोई शिकायत थी तो इसकी जानकारी पुलिस को दी जानी चाहिए थी। मारपीट करने वालों के खिलाफ जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद गांव में लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विवाद को बातचीत या कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से सुलझाया जाना चाहिए था, लेकिन युवकों ने हिंसा का रास्ता अपनाया।
वहीं, पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि नीतीश को जानबूझकर निशाना बनाया गया और बिना पूरी जानकारी के उसके साथ मारपीट की गई। परिजनों ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
नाबालिग छात्रा से जुड़ा मामला होने के कारण पुलिस भी संवेदनशीलता के साथ जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि छात्रा और उसके परिवार से भी आवश्यक जानकारी ली जा सकती है, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।
ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल वीडियो और सोशल मीडिया से जुड़े विवाद लगातार सामने आ रहे हैं। कई बार ऐसे मामलों में लोग बिना जांच-पड़ताल के खुद ही कार्रवाई करने लगते हैं, जिससे स्थिति गंभीर हो जाती है।
फिलहाल घायल नीतीश कुमार ठाकुर का सदर अस्पताल में इलाज जारी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और जल्द ही आगे की कार्रवाई किए जाने की संभावना है। घटना में शामिल आरोपितों की पहचान और उनकी भूमिका की पुष्टि के बाद पुलिस कानूनी कदम उठाएगी।





