
Jharkhand: गुमला सदर अस्पताल से एक भावुक कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां काटासारू गांव निवासी जगन्नाथ तिर्की गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं और अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। वहीं उनके इलाज के लिए उनकी पत्नी रोहिणी कुजूर को जशपुर रोड पर राहगीरों से आर्थिक मदद मांगनी पड़ रही है।
जानकारी के अनुसार, परिवार के पास न तो राशन कार्ड है और न ही आयुष्मान कार्ड, जिसके कारण इलाज और दवाइयों का पूरा खर्च उनके लिए भारी पड़ गया है। जगन्नाथ तिर्की ही परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे, लेकिन उनके बीमार पड़ने के बाद घर की आर्थिक स्थिति पूरी तरह बिगड़ गई है।
पत्नी रोहिणी कुजूर ने बताया कि अस्पताल में पति के इलाज के साथ-साथ छोटे बच्चे की जिम्मेदारी भी उनके सामने है। कई बार अस्पताल से बाहर की महंगी दवाइयां लाने के लिए मजबूर होना पड़ता है, जिसके लिए पैसे नहीं हैं। ऐसे में वह जशपुर रोड स्थित बाजार के पास बैठकर लोगों से मदद मांग रही हैं।
इस दौरान स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता देवकी देवी भी मौके पर मौजूद रहीं और उन्होंने प्रशासन से परिवार को तुरंत सहायता देने की अपील की। राहगीरों ने अपनी क्षमता के अनुसार आर्थिक मदद दी, लेकिन परिजनों का कहना है कि इलाज का खर्च बहुत अधिक है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मरीज को बेहतर इलाज और परिवार को सरकारी योजनाओं का लाभ तुरंत दिया जाए, ताकि इस परिवार को राहत मिल सके।





