
Jharkhnad: पूर्वी सिंहभूम जिले के पर्यटन नगरी घाटशिला में लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद सफाई व्यवस्था बदहाल बनी हुई है। शहर और आसपास के इलाकों में नालियां जाम हैं, जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं और बारिश के दौरान सड़कों पर जलजमाव आम समस्या बन गया है। करीब 50 हजार की आबादी वाले इस क्षेत्र के साथ-साथ धरमबहाल, काशिदा, गोपालपुर और पावड़ा पंचायत के 50 से 60 गांवों के लोग भी इस स्थिति से परेशान हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार नालियों की नियमित सफाई नहीं होने से उनमें कचरा जमा हो गया है, जिससे बारिश में पानी सड़कों पर बहने लगता है। कॉलेज रोड, गोपालपुर राम मंदिर के पास, काशिदा मुख्य सड़क और अन्य कई इलाकों में गंदगी फैली हुई है। कई जगह नालियां क्षतिग्रस्त हैं, जिससे जलनिकासी की समस्या और बढ़ गई है।
रूर्बन मिशन के तहत कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए कचरा संग्रह केंद्र, डस्टबिन और ट्रॉली जैसी सुविधाएं दी गईं, लेकिन कचरा निष्पादन व्यवस्था अब तक पूरी तरह शुरू नहीं हो सकी है। काशिदा के तामुकपाल में बना कचरा निष्पादन केंद्र मशीन न लगने के कारण चालू नहीं हो पाया है। वर्षों पहले शुरू किए गए ‘क्लीन घाटशिला, ग्रीन घाटशिला’ अभियान की शुरुआत में सुधार दिखा था, लेकिन समय के साथ यह व्यवस्था कमजोर पड़ गई। अब शहर में फिर से स्वच्छता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल योजनाओं पर खर्च होता है, लेकिन जमीनी स्तर पर सुधार नहीं दिखता। नागरिकों ने नियमित नाली सफाई, समय पर कचरा उठाव और ठोस कचरा प्रबंधन व्यवस्था को लागू करने की मांग की है। पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि स्वच्छता केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, इसमें आम लोगों, व्यवसायियों और संस्थानों की भी भागीदारी जरूरी है। वहीं घाटशिला विधायक ने कहा है कि कचरा निष्पादन केंद्र में मशीन लगाने और व्यवस्था सुधार के लिए जिला प्रशासन से बात की जाएगी, ताकि शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाया जा सके।





