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कोयला ट्रकों से परेशान ग्रामीणों का बड़ा कदम
लातेहार : झारखंड के लातेहार जिले के बालूमाथ प्रखंड में कोयला लदे भारी वाहनों से उड़ रही धूल और बढ़ते प्रदूषण को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश सड़क पर उतर आया। परेशान ग्रामीणों और दुकानदारों ने बाजार बंद कर विरोध जताया। शुक्रवार को बालूमाथ बाजार में अधिकांश दुकानों के शटर बंद रहे और लोगों ने प्रशासन से समस्या के समाधान की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि बालूमाथ की मुख्य सड़कों से दिन-रात गुजरने वाले कोयला लदे ट्रक और हाइवा लगातार धूल उड़ा रहे हैं। इसका सीधा असर दुकानदारों, राहगीरों और आसपास रहने वाले लोगों पर पड़ रहा है। दुकानों और घरों में धूल जमा होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
धूल के साथ हादसों का भी डर
स्थानीय लोगों का कहना है कि समस्या केवल धूल तक सीमित नहीं है। भारी वाहनों की तेज रफ्तार से बाजार क्षेत्र में दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने मांग की है कि बाजार क्षेत्र में भारी कोयला वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया जाए और नियमित रूप से सड़क पर पानी का छिड़काव कराया जाए, ताकि धूल की समस्या कम हो सके।
बाइपास और नो-एंट्री की मांग
स्थानीय दुकानदारों और ग्रामीणों ने प्रशासन से कोयला वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग यानी बाइपास व्यवस्था करने की मांग की है। उनका कहना है कि घनी आबादी वाले बाजार क्षेत्र से भारी वाहनों का लगातार गुजरना लोगों के स्वास्थ्य और सुरक्षा दोनों के लिए परेशानी बन रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि वे कोयला परिवहन के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन आम लोगों की परेशानी को देखते हुए व्यवस्था में सुधार जरूरी है। उनका उद्देश्य शांतिपूर्ण तरीके से प्रशासन का ध्यान समस्या की ओर आकर्षित करना है।
प्रशासन से समाधान की उम्मीद
बाजार बंद के दौरान ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई और जल्द समाधान की उम्मीद जताई। अब लोगों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते धूल प्रदूषण और भारी वाहनों की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज हो सकता है।
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