झारखंड

केंद्रीय बजट 2022-23: जल्द हजारीबाग-रांची रेललाइन का काम पूरा होने की आस, मिलेंगी ये सुविधाएं

Renuka Sahu
29 Jan 2022 3:05 AM GMT
केंद्रीय बजट 2022-23: जल्द हजारीबाग-रांची रेललाइन का काम पूरा होने की आस, मिलेंगी ये सुविधाएं
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फाइल फोटो 

झारखंड सरकार ने केंद्रीय बजट में झारखंड की कई रेल परियोजनाओं को शामिल करने का आग्रह किया है।

जनता से रिश्ता वेबडेस्क। झारखंड सरकार ने केंद्रीय बजट में झारखंड की कई रेल परियोजनाओं को शामिल करने का आग्रह किया है। केंद्रीय बजट 2022-23 के लिए झारखंड से प्रस्ताव और सुझाव मांगा था। राज्य सरकार के वित्त मंत्रालय की ओर से भेजे गए पत्र में रेल परियोजनाओं को लेकर कई सुझाव भेजे गए हैं। इनमें कोडरमा-हजारीबाग-रांची रोड रेललाइन, पीरपैंती-जसीडीह रेल परियोजना के अलावा कुछ नई परियोजनाओं के बारे में भी प्रस्ताव भेजा गया है।

15 जनवरी 2019 को रिवाइज्ड एमओयू पर हस्ताक्षरित किए गए
कोडरमा-हजारीबाग-रांची रेललाइन की परियोजना एवं अन्य पांच रेल परियोजनाओं के निर्माण के लिए झारखंड एवं रेल मंत्रालय के बीच वर्ष 2002 में एमओयू किया गया था। इस एमओयू के अंतिम विस्तार के लिए 15 जनवरी 2019 को रिवाइज्ड एमओयू हस्ताक्षरित किए गए, जिसकी वैधता मार्च 2020 तक थी। राज्य सरकार द्वारा एमओयू के अनुसार निर्धारित अपनी हिस्सेदारी की पूर्ण राशि रेलवे को हस्तांतरित की जा चुकी है। यह रेल परियोजना झारखंड राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस रेल परियोजना के अंतर्गत बरकाकाना से सांकी (20 किलोमीटर) रेलखंड का निर्माण कार्य अभी तक पूरा नहीं हुआ है, जिसे राज्यहित में जल्द पूरा किया जाना आवश्यक है। वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने केंद्रीय वित्त मंत्री से व्यक्तिगत रूप से पत्र में यह आग्रह किया है।
इन ट्रेनों का फेरा बढ़ाना जरूरी
वित्त मंत्रालय ने केंद्रीय वित्त मंत्री से रेल की अन्य परियोजनाओं को लेकर भी कई सुझाव दिए हैं। राजधानी एक्सप्रेस, गरीब रथ तथा अन्य लंबी दूरी की ट्रेनों, जैसे हटिया-लोकमान्य एक्सप्रेस, हटिया-यशवंतपुर एक्सप्रेस, हटिया-पुणे एक्सप्रेस का फेरा बढ़ाने की अत्यंत आवश्यकता है। राजधानी एक्सप्रेस, गरीब रथ तथा रांची से मुंबई (एलटीटी सुपरफास्ट एक्सप्रेस) को दैनिक किया जाए। जलियांवाला बाग एक्सप्रेस (टाटा-अमृतसर) ट्रेन संख्या 18103/18104 को सप्ताह में पांच दिन चलाने की मांग रखी गयी है। पुरी से नई दिल्ली पुरुषोत्तम एक्सप्रेस को जोधपुर तक विस्तारित करने की भी रेल मंत्रालय से मांग की गई है।
झारखंड सरकार ने पत्र लिखा
केंद्रीय योजनाओं के लिए मिलनेवाली राशि को लेकर भी झारखंड सरकार ने केंद्र को पत्र लिखा है। योजना में सुधार के बाद तथा अंतिम गणना के बाद राज्य सरकार द्वारा मार्च 2021 तक 323 करोड़ रुपए का अधिक खर्च अपने हिस्से के अलावा किया गया है। झारखंड में योजना विशेष के मद में केंद्रीय हिस्सेदारी के रूप में मिलनेवाली 200 करोड़ की राशि विमुक्त करने का आग्रह भी किया है।
पीरपैंती-जसीडीह रेल परियोजना
पीरपैंती-जसीडीह (हंसडीहा-गोड्डा को छोड़कर) रेल परियोजना के अंतर्गत हंसडीहा-मोहनपुर का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इस संबंध में तत्कालीन मुख्यमंत्री ने रेलमंत्री को 29 अक्तूबर 2019 को ही पत्र भेजकर गोड्डा-पीरपैंती रेलखंड का निर्माण रेल मंत्रालय स्वयं या भारत सरकार के कोल मंत्रालय के सहयोग से कराने का अनुरोध किया गया है। इस आलोक में गोड्डा-पीरपैंती रेलखंड के निर्माण के लिए अंतिम निर्णय रेलवे मंत्रालय से अभी तक नहीं मिला है। इस कारण इस रेलखंड का निर्माण कार्य अभी लंबित है। वित्त मंत्री ने इस विषय पर केंद्र से विशेष ध्यान देने का आग्रह किया है।
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