झारखंड

UPHC की लापरवाही से इलाज प्रभावित

Saba Naaz
28 Jun 2026 9:16 PM IST
UPHC की लापरवाही से इलाज प्रभावित
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Jharkhand: बोकारो स्टील सिटी के झोपड़ी कॉलोनी क्षेत्र में स्थित शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (UPHC) 11 साल बाद भी बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है। 30 जनवरी 2015 को शुरू किए गए इस केंद्र का उद्देश्य आसपास की बस्तियों को घर के पास मुफ्त और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देना था, लेकिन आज भी हालात बेहतर नहीं हो पाए हैं।

यह स्वास्थ्य केंद्र रोजाना सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक संचालित होता है। यहां डॉ. सतेंद्र कुमार (जनरल फिजीशियन) के साथ फार्मासिस्ट सुरेंद्र कुमार, एएनएम निशा होदा, लैब टेक्नीशियन गोविंद कुमार महतो, काउंसलर विनीता और सहयोगी दिलीप कुमार सेवाएं दे रहे हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद यह टीम मरीजों को इलाज देने का प्रयास कर रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार यह केंद्र झोपड़ी कॉलोनी ही नहीं बल्कि बीएसएल एलएच, आजाद नगर, रितुडीह, जोशी कॉलोनी समेत कई इलाकों के लिए मुख्य सहारा है। यहां प्रतिदिन औसतन 40 से 50 मरीज ओपीडी में आते हैं, जबकि गंभीर मामलों में यह संख्या 80 तक पहुंच जाती है।

सबसे बड़ी समस्या यह है कि केंद्र में डिलीवरी (प्रसव) की सुविधा नहीं है। गर्भवती महिलाओं की जांच और टीकाकरण के बाद प्रसव के समय उन्हें सीधे सदर अस्पताल रेफर किया जाता है। आपात स्थिति में एम्बुलेंस की कमी से मरीजों और परिजनों को कठिनाई का सामना करना पड़ता है। अस्पताल परिसर में चारदीवारी नहीं होने से सुरक्षा की समस्या बनी रहती है। दवाओं और उपकरणों के लिए अलग स्टोर रूम नहीं है, इसलिए एक कमरे को अस्थायी स्टोर की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। मरीजों के लिए बैठने की व्यवस्था भी अपर्याप्त है। शौचालय और साफ-सफाई की स्थिति खराब बताई जा रही है। गर्मी से राहत देने वाला एसी भी खराब है।

पिछले चार महीनों से यहां इंटरनेट सेवा पूरी तरह बंद है, जिससे ऑनलाइन दवा एंट्री, एनसीडी रिपोर्ट अपलोड और दैनिक रिपोर्ट भेजने का काम प्रभावित हो रहा है। इसके अलावा टेटनस वैक्सीन और अन्य जरूरी दवाओं की कमी भी बनी हुई है, जिसके कारण मरीजों को बाहर से दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं। स्थानीय लोगों में इस स्थिति को लेकर नाराजगी है। ग्रामीणों ने मांग की है कि यहां जल्द से जल्द डिलीवरी रूम बनाया जाए, दवाओं की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित हो और बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाए, ताकि हजारों लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।

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