झारखंड

झारखंड में दर्दनाक हादसा, बेकाबू ट्रक ने भीड़ को रौंदा, 7 की मौत

Kavita2
6 Nov 2026 9:50 AM IST
झारखंड में दर्दनाक हादसा, बेकाबू ट्रक ने भीड़ को रौंदा, 7 की मौत
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खूंटी। झारखंड के खूंटी जिले में गुरुवार (5 नवंबर) की रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। कर्रा थाना क्षेत्र के कर्रा-तोरपा मुख्य मार्ग पर जोने-लुदरू मोड़ के समीप तेज रफ्तार अनियंत्रित ट्रक ने सड़क किनारे खड़े लोगों को कुचल दिया। इस भीषण दुर्घटना में चार महिलाओं और तीन बच्चों समेत सात लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच वर्षीय बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। घायल बच्ची का खूंटी सदर अस्पताल में इलाज चल रहा है। मृतकों में महज 11 महीने का मासूम बच्चा भी शामिल है। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई और आसपास के गांवों में मातम पसर गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दुर्घटना गुरुवार रात करीब 9:45 से 10 बजे के बीच हुई। जोने-लुदरू मोड़ के पास एक स्कूटी सवार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे झाड़ियों में जा गिरा था। दुर्घटना की आवाज सुनकर आसपास के घरों से लोग बाहर निकले। कुछ लोग स्कूटी चालक की मदद करने पहुंचे, जबकि अन्य लोग घटनास्थल के आसपास खड़े थे। इसी दौरान तोरपा की ओर से आ रहा तेज रफ्तार भारी ट्रक अचानक वहां पहुंच गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रक की रफ्तार इतनी अधिक थी कि चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। देखते ही देखते ट्रक ने सड़क किनारे मौजूद लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। लोगों को संभलने या सुरक्षित स्थान पर हटने का मौका तक नहीं मिला। हादसा इतना भयावह था कि कुछ ही क्षणों में घटनास्थल पर अफरातफरी मच गई।

दुर्घटना में जान गंवाने वालों की पहचान जयंती देवी, अंजली देवी, मान्हू देवी, पाको देवी, सौरभ नायक, गोलू कुमार और तूती कुमारी के रूप में बताई गई है। मृतकों में 11 महीने का सौरभ नायक भी शामिल है। कुछ समाचार रिपोर्टों के मुताबिक, हादसे में जान गंवाने वाले लोग आपस में रिश्तेदार थे। हालांकि, सभी मृतकों के पारिवारिक संबंधों की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।

हादसे में घायल पांच वर्षीय बच्ची की पहचान खुशबू कुमारी के रूप में हुई है। उसे तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। बच्ची की हालत गंभीर बताई जा रही है। चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार जारी है। इस दुर्घटना में मासूम बच्चों की मौत ने स्थानीय लोगों को गहरे सदमे में डाल दिया है।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दुर्घटना के बाद घटनास्थल का दृश्य बेहद भयावह था। कुछ देर पहले तक स्कूटी सवार की मदद के लिए जुटे लोग स्वयं बड़े हादसे का शिकार हो गए। जोरदार टक्कर और लोगों की चीखें सुनकर आसपास के घरों से बड़ी संख्या में ग्रामीण बाहर निकल आए। परिजनों को हादसे की जानकारी मिली तो वे भी घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े।

स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस और आपातकालीन सेवाओं को दुर्घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही कर्रा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। तोरपा थाना पुलिस ने भी राहत और बचाव कार्य में सहयोग किया। घायलों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई। दुर्घटना की गंभीरता को देखते हुए घटनास्थल और अस्पताल के आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई।

बताया जा रहा है कि हादसे में शामिल भारी ट्रक सड़क किनारे की पुलिया को क्षतिग्रस्त करते हुए गड्ढे में जा गिरा। स्थानीय समाचार रिपोर्टों में वाहन का पंजीकरण नंबर जेएच 02 एजे 1377 बताया गया है। हालांकि, दुर्घटना के वास्तविक कारणों और चालक की भूमिका को लेकर जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी हैं।

इस दुर्घटना ने एक बार फिर तेज रफ्तार भारी वाहनों से होने वाले हादसों और सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेष रूप से ग्रामीण सड़कों पर रात के समय भारी वाहनों की आवाजाही के दौरान पर्याप्त सावधानी बरतने की आवश्यकता सामने आई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति की मदद के लिए सड़क किनारे भीड़ इकट्ठा होना स्वाभाविक है, लेकिन ऐसे समय गुजरने वाले वाहनों की तेज रफ्तार बड़ा खतरा बन सकती है। इस घटना में भी लोग एक स्कूटी सवार की सहायता करने पहुंचे थे और कुछ ही देर बाद भीषण दुर्घटना का शिकार हो गए।

सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, रात के समय किसी दुर्घटना के बाद राहत कार्य करते हुए सड़क पर आने वाले वाहनों को पर्याप्त दूरी से सावधान करना जरूरी होता है। दुर्घटनास्थल पर चेतावनी संकेत और सुरक्षित दूरी बनाए रखने से दूसरी दुर्घटना की आशंका कम की जा सकती है।

इस हादसे के बाद मृतकों के परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। विशेष रूप से महिलाओं और छोटे बच्चों की मौत से गांव में शोक का माहौल है। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के इलाकों से लोग पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करने पहुंचने लगे।

पुलिस के सामने अब दुर्घटना की परिस्थितियों का पता लगाने की चुनौती है। जांच में यह स्पष्ट होना है कि ट्रक किस गति से चल रहा था, चालक ने नियंत्रण क्यों खोया और दुर्घटना के समय सड़क की स्थिति कैसी थी। चालक की पहचान और उसकी स्थिति के संबंध में भी आधिकारिक जानकारी की प्रतीक्षा है।

कर्रा-तोरपा मार्ग पर हुआ यह हादसा केवल सात लोगों की मौत का मामला नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर चेतावनी भी है। एक स्कूटी सवार की मदद के लिए घरों से बाहर निकले लोगों की जिंदगी कुछ ही पलों में समाप्त हो गई। पांच वर्षीय घायल बच्ची के स्वस्थ होने की उम्मीद के बीच पूरा इलाका इस त्रासदी से स्तब्ध है।

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