झारखंड

भीषण सड़क हादसे में अधिवक्ता दंपती समेत तीन की मौत

Kavita2
21 Oct 2026 1:29 PM IST
भीषण सड़क हादसे में अधिवक्ता दंपती समेत तीन की मौत
x

गिरिडीह। झारखंड के गिरिडीह जिले में मंगलवार देर शाम हुए सड़क हादसे में अधिवक्ता दंपती समेत तीन लोगों की मौत हो गई। जमुआ और पचंबा थाना क्षेत्र की सीमा से सटे रानीखावा इलाके में स्कॉर्पियो और बाइक के बीच जोरदार टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में बाइक सवार वरिष्ठ अधिवक्ता सहदेव नारायण चौधरी और उनकी पत्नी माया देवी की जान चली गई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर पचंबा थाना पुलिस सक्रिय हुई और घायल अवस्था में दंपती को सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में हुई सड़क दुर्घटनाओं में कुल तीन लोगों की मौत हुई है। हालांकि, तीसरे मृतक की पहचान और उसकी दुर्घटना से जुड़ी परिस्थितियां स्पष्ट नहीं हैं।

मंगलवार देर शाम हुआ दर्दनाक हादसा

जानकारी के अनुसार, मंगलवार देर शाम जमुआ थाना क्षेत्र के जोरासांख और पचंबा तथा जमुआ थानों के सीमावर्ती रानीखावा इलाके में सड़क दुर्घटना की घटना सामने आई।

रानीखावा के पास एक स्कॉर्पियो और बाइक के बीच टक्कर हो गई।

बाइक पर वरिष्ठ अधिवक्ता सहदेव नारायण चौधरी और उनकी पत्नी माया देवी सवार थे।

टक्कर में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना के बाद आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।

हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को अस्पताल ले जाया गया।

स्कॉर्पियो और बाइक के बीच हुई टक्कर

बताया गया है कि रानीखावा के पास स्कॉर्पियो और बाइक की भिड़ंत हुई थी।

इस दुर्घटना में बाइक सवार दंपती की मौत हो गई।

हालांकि, टक्कर किस दिशा से हुई, दोनों वाहनों की गति कितनी थी और दुर्घटना के समय सड़क की स्थिति कैसी थी, इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।

हादसे का वास्तविक कारण पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

फिलहाल किसी एक वाहन चालक की लापरवाही को दुर्घटना का निश्चित कारण नहीं बताया जा सकता।

वरिष्ठ अधिवक्ता सहदेव नारायण चौधरी की मौत

मृतकों में करीब 76 वर्षीय अधिवक्ता सहदेव नारायण चौधरी शामिल हैं।

वह नगर थाना क्षेत्र के शास्त्री नगर के निवासी थे।

मंगलवार देर शाम वह अपनी पत्नी के साथ बाइक पर सवार थे।

रानीखावा के पास हुई टक्कर में उनकी जान चली गई।

एक वरिष्ठ अधिवक्ता की सड़क दुर्घटना में मौत की घटना दुखद है।

हालांकि, उनके वकालत के कार्यकाल और पेशेवर जीवन से संबंधित विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।

पत्नी माया देवी ने भी गंवाई जान

इस हादसे में सहदेव नारायण चौधरी की 69 वर्षीय पत्नी माया देवी की भी मौत हो गई।

पति-पत्नी एक ही बाइक पर यात्रा कर रहे थे।

स्कार्पियो से टक्कर होने के बाद दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

एक ही दुर्घटना में पति-पत्नी की मौत से परिवार को गहरा आघात पहुंचा है।

हालांकि, दोनों कहां से लौट रहे थे और किस स्थान पर जा रहे थे, इसकी जानकारी उपलब्ध नहीं है।

रानीखावा में मची अफरा-तफरी

रानीखावा के पास दुर्घटना होते ही आसपास अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

सड़क पर स्कॉर्पियो और बाइक की टक्कर के बाद तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता पड़ी।

ऐसी परिस्थितियों में घायल व्यक्तियों को जल्द अस्पताल पहुंचाना बेहद महत्वपूर्ण होता है।

घटना की सूचना मिलने पर पचंबा थाना पुलिस ने कार्रवाई की।

पुलिस ने दोनों पति-पत्नी को सदर अस्पताल पहुंचाया।

हालांकि, मौके पर अन्य लोगों द्वारा की गई सहायता या यातायात प्रभावित होने के संबंध में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है।

पचंबा पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया

दुर्घटना के बाद पचंबा थाना पुलिस सक्रिय हुई।

पुलिसकर्मी सहदेव नारायण चौधरी और माया देवी को लेकर सदर अस्पताल पहुंचे।

यहां चिकित्सकों ने दोनों की जांच की।

जांच के बाद चिकित्सकों ने पति-पत्नी को मृत घोषित कर दिया।

इस तरह रानीखावा के पास हुआ हादसा दो लोगों के लिए जानलेवा साबित हुआ।

हालांकि, दोनों की मौत के सटीक चिकित्सकीय कारणों की जानकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही स्पष्ट हो सकेगी।

सदर अस्पताल में मृत घोषित

पुलिस द्वारा अस्पताल पहुंचाए जाने के बाद चिकित्सकों ने अधिवक्ता दंपती की जांच की।

इसके बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया गया।

सड़क दुर्घटना में गंभीर चोट लगने पर समय पर उपचार महत्वपूर्ण होता है, लेकिन कई बार चोटों की गंभीरता अत्यधिक होने से जान बचाना मुश्किल हो जाता है।

इस मामले में दंपती को किस प्रकार की चोटें आई थीं, इसका विस्तृत चिकित्सकीय विवरण उपलब्ध नहीं है।

इसलिए मृत्यु के सटीक कारणों को लेकर अनुमान लगाना उचित नहीं होगा।

तीन लोगों की मौत की जानकारी

प्राप्त विवरण के अनुसार, मंगलवार देर शाम क्षेत्र में हुई सड़क दुर्घटना में अधिवक्ता दंपती समेत कुल तीन लोगों की मौत हुई है।

हालांकि, रानीखावा में स्कॉर्पियो और बाइक की टक्कर से दो लोगों की मौत का विवरण स्पष्ट रूप से दिया गया है।

तीसरे मृतक की पहचान, उसकी दुर्घटना का स्थान और अन्य परिस्थितियां उपलब्ध जानकारी में नहीं बताई गई हैं।

ऐसे में तीसरी मौत को इसी स्कॉर्पियो-बाइक टक्कर से जोड़ना फिलहाल उचित नहीं होगा।

इस संबंध में पुलिस की विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

सीमावर्ती क्षेत्र में हुआ हादसा

रानीखावा इलाका पचंबा और जमुआ थाना क्षेत्रों की सीमा के आसपास स्थित बताया गया है।

ऐसे सीमावर्ती क्षेत्रों में दुर्घटना होने पर संबंधित थानों के बीच समन्वय महत्वपूर्ण होता है।

इस घटना में पचंबा थाना पुलिस के सक्रिय होने और दंपती को सदर अस्पताल पहुंचाने की जानकारी सामने आई है।

हालांकि, दुर्घटना का मामला किस थाने में दर्ज किया गया है और आगे की जांच किस पुलिस इकाई द्वारा की जा रही है, इसका विवरण उपलब्ध नहीं है।

सड़क दुर्घटनाओं में दोपहिया सवारों को अधिक खतरा

दोपहिया वाहन सवार सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर चोटों के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं।

कार या अन्य बड़े वाहन से टक्कर होने की स्थिति में बाइक सवारों को सीधा आघात लग सकता है।

इसी कारण बाइक चलाते समय हेलमेट, निर्धारित गति और यातायात नियमों का पालन महत्वपूर्ण होता है।

हालांकि, रानीखावा में हुई दुर्घटना के समय बाइक सवारों ने हेलमेट पहना था या नहीं, इसकी कोई पुष्ट जानकारी नहीं है।

इसलिए सुरक्षा उपकरणों के इस्तेमाल को लेकर कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।

हादसे के कारणों की जांच महत्वपूर्ण

स्कार्पियो और बाइक के बीच हुई टक्कर के कारणों का पता लगाना जरूरी है।

जांच में वाहनों की दिशा, सड़क की स्थिति, संभावित प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्य महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

इसके आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई।

हालांकि, स्कॉर्पियो चालक की पहचान, उसकी स्थिति और वाहन के संबंध में पुलिस की कार्रवाई की जानकारी उपलब्ध नहीं है।

ऐसे में किसी व्यक्ति पर दोष तय करना जल्दबाजी होगी।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

एक ही दुर्घटना में पति-पत्नी की मौत परिवार के लिए अत्यंत दुखद घटना है।

सहदेव नारायण चौधरी और माया देवी शास्त्री नगर के निवासी थे।

दोनों मंगलवार देर शाम बाइक पर यात्रा कर रहे थे, तभी रानीखावा के पास दुर्घटना का शिकार हो गए।

अचानक हुई इस घटना ने परिवार को गहरे दुख में डाल दिया।

हालांकि, परिवार के सदस्यों की प्रतिक्रिया या अंतिम संस्कार संबंधी जानकारी उपलब्ध नहीं है।

सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

गिरिडीह जिले में हुई इस दुर्घटना ने सड़क सुरक्षा के महत्व को फिर सामने रखा है।

वाहन चालकों को सड़क की परिस्थितियों के अनुसार गति नियंत्रित रखनी चाहिए।

मोड़, चौराहों और कम दृश्यता वाले स्थानों पर अतिरिक्त सावधानी बरतना आवश्यक होता है।

दोपहिया वाहन चालकों के साथ बड़े वाहनों के चालकों की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण है।

यातायात नियमों का पालन और सुरक्षित दूरी बनाए रखना दुर्घटनाओं के जोखिम को कम कर सकता है।

अधिवक्ता दंपती की मौत से शोक

गिरिडीह के रानीखावा इलाके में मंगलवार देर शाम स्कॉर्पियो और बाइक की टक्कर में वरिष्ठ अधिवक्ता सहदेव नारायण चौधरी और उनकी पत्नी माया देवी की मौत हो गई।

पचंबा थाना पुलिस दोनों को सदर अस्पताल लेकर पहुंची थी, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

उपलब्ध जानकारी में क्षेत्र की दुर्घटनाओं में कुल तीन लोगों की मौत का उल्लेख है, लेकिन तीसरे मृतक के बारे में विवरण स्पष्ट नहीं है। अब हादसे के कारणों और अन्य परिस्थितियों की पुष्टि पुलिस की जांच से होगी।

Next Story