
Jharkhand:झारखंड के किसानों और ग्रामीण महिलाओं की मेहनत अब अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच गई है। राज्य का ‘पलाश’ ब्रांड आम अब दुबई, लंदन और इटली जैसे देशों में एक्सपोर्ट किया जा रहा है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ‘बिरसा हरित ग्राम योजना’ के जरिए यह बदलाव देखने को मिल रहा है, जिससे हजारों परिवारों को सीधा रोजगार मिला है।
लाखों परिवारों को मिला रोजगार
सरकारी योजना के तहत राज्य में करीब 1.86 लाख एकड़ भूमि पर आम के बागान विकसित किए गए हैं। इनसे लगभग 2.15 लाख ग्रामीण परिवारों को रोजगार मिला है। कोरोना काल में शुरू हुई यह योजना अब ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत कड़ी बन चुकी है।
महिलाओं की बड़ी भूमिका
इस पूरे अभियान में सखी मंडल से जुड़ी महिलाएं अहम भूमिका निभा रही हैं। वे आम तोड़ने, छंटाई, ग्रेडिंग और पैकिंग का काम संभाल रही हैं। उनकी मेहनत से झारखंड के आम को अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों तक पहुंचाया जा रहा है।
विदेशों में बढ़ी मांग
झारखंड के सिमडेगा से आम लंदन और इटली भेजे गए हैं, जबकि रामगढ़ से 1500 मीट्रिक टन से अधिक आम दुबई एक्सपोर्ट किया गया है। किसानों को वैज्ञानिकों द्वारा बेहतर गुणवत्ता के लिए प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
60 लाख से ज्यादा का कारोबार
राज्य के 115 किसान समूहों ने अब तक 2.24 लाख किलो आम बेचकर 60.51 लाख रुपये से अधिक का कारोबार किया है। घरेलू बाजार में ‘पलाश मार्ट’ और ‘अपना मार्ट’ के जरिए आम 60 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। सरकार अब बड़े रिटेल कंपनियों से भी जुड़ाव की तैयारी कर रही है ताकि किसानों की आय और बढ़ सके।





