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Jharkhand झारखंड: मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के प्रवक्ता मनोज पांडेय ने कई राष्ट्रीय और राज्यस्तरीय मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने झारखंड में एसआईआर, नीट विवाद, भारत-अमेरिका संबंधों और भाजपा की राजनीति को लेकर केंद्र पर निशाना साधा। झारखंड में एसआईआर के जरिए मतदाता सूची के सत्यापन की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए मनोज पांडेय ने कहा कि इसका मकसद बड़ी संख्या में लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाना है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों को उनके मताधिकार से वंचित करने की कोशिश की जा रही है।
झामुमो प्रवक्ता ने कहा कि उनकी पार्टी इस मुद्दे को लेकर पूरी तरह सक्रिय है और सरकार से मांग कर रही है कि उत्तराखंड की तरह झारखंड में भी ऐसी व्यवस्था लागू की जाए, जिससे लोग आसानी से अपना नाम मतदाता सूची में खोज सकें। उन्होंने नीट पेपर लीक मामले को लेकर भी केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि इस पूरे विवाद में सबसे बड़ा सवाल यह है कि शिक्षा मंत्री इस्तीफा कब देंगे। छात्रों और अभिभावकों के भविष्य से जुड़े इस गंभीर मामले में जवाबदेही तय होनी चाहिए।
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर द्वारा खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई के खिलाफ अमेरिका के समक्ष विरोध दर्ज कराने पर भी मनोज पांडेय ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि केवल निंदा या विरोध दर्ज कराने से कुछ नहीं होगा। सरकार को ठोस कार्रवाई करनी चाहिए और अमेरिका के साथ कूटनीतिक तथा राजनीतिक संबंधों को खत्म कर देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि दुनिया में शायद ही 10-15 देश ऐसे बचे होंगे, जहां प्रधानमंत्री ने यात्रा न की हो। प्रधानमंत्री पूरी तरह 'टूरिज्म मोड' में दिखाई देते हैं। इसके साथ ही उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि यदि कोई राजनीतिक दल दो समुदायों के बीच तनाव पैदा करने का काम करता है, तो वह भारतीय जनता पार्टी है।
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