झारखंड

मानसून में बादलों से ढक जाते हैं Deoghar के पहाड़

Kanchan Paikara
5 July 2026 4:21 PM IST
मानसून में बादलों से ढक जाते हैं Deoghar के पहाड़
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Deoghar देवघर : सावन और मानसून का नाम आते ही देवघर का प्रसिद्ध त्रिकुट पहाड़ लोगों के जेहन में सबसे पहले आता है। देवघर मुख्यालय से करीब 18 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह पहाड़ी इलाका बारिश के मौसम में अपनी प्राकृतिक सुंदरता के कारण पर्यटकों के लिए खास आकर्षण बन जाता है।
मानसून के दौरान त्रिकुट पहाड़ पूरी तरह से हरियाली की चादर ओढ़ लेता है, जिससे इसका दृश्य बेहद मनमोहक हो जाता है। बारिश के बाद जब बादल पहाड़ियों से टकराते हैं तो पूरा इलाका किसी हिल स्टेशन जैसा नजर आने लगता है। चारों ओर फैली हरियाली और बादलों का आना-जाना इस जगह को और भी आकर्षक बना देता है।
यहां आने वाले पर्यटक न केवल प्राकृतिक नजारों का आनंद लेते हैं, बल्कि रोमांच के शौकीनों के लिए भी यह जगह खास है। त्रिकुट पहाड़ पर मौजूद रोपवे और ट्रैकिंग की सुविधा पर्यटकों को रोमांच का अलग अनुभव देती है। ऊपर से दिखने वाला दृश्य इतना खूबसूरत होता है कि लोग इसे लंबे समय तक याद रखते हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, मानसून के दौरान त्रिकुट पहाड़ पर पर्यटकों की संख्या काफी बढ़ जाती है। लोग दूर-दराज से यहां घूमने आते हैं ताकि वे बादलों के बीच पहाड़ियों का अद्भुत नजारा देख सकें। यह जगह खासकर उन लोगों के लिए पसंदीदा है जो प्राकृतिक सौंदर्य और शांति की तलाश में होते हैं।
पर्यटकों का कहना है कि जब वे रोपवे से ऊपर जाते हैं तो नीचे फैली हरियाली, घने बादल और ठंडी हवा एक अलग ही अनुभव देती है। यह नजारा किसी विदेशी हिल स्टेशन से कम नहीं लगता। कई लोग यहां परिवार और दोस्तों के साथ पिकनिक और घूमने के लिए आते हैं।
स्थानीय प्रशासन भी मानसून के दौरान पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधा को लेकर विशेष ध्यान देता है। रोपवे और ट्रैकिंग मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाता है ताकि किसी तरह की दुर्घटना न हो।
पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि त्रिकुट पहाड़ देवघर की पहचान बन चुका है और मानसून में इसकी सुंदरता और भी बढ़ जाती है। यही कारण है कि इसे झारखंड का एक प्रमुख पर्यटन स्थल माना जाता है।
मानसून के मौसम में देवघर आने वाले पर्यटकों के लिए त्रिकुट पहाड़ एक अनिवार्य स्थल बन गया है। यहां का प्राकृतिक सौंदर्य, बादलों का संगम और रोमांचक गतिविधियां इसे खास बनाती हैं। यही वजह है कि लोग कहते हैं कि अगर आप देवघर आए हैं तो त्रिकुट पहाड़ की सैर जरूर करें, क्योंकि यहां का अनुभव जीवनभर याद रहता है।
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