
रांची। झारखंड में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम यानी एमएमडीआर संशोधन और कथित चंदा चोरी के मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने व्यापक आंदोलन की घोषणा की है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि पार्टी इन मुद्दों को लेकर प्रखंड स्तर से लेकर राज्य स्तर तक संघर्ष करेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से राज्यों के खनिज संसाधनों पर सेस वसूलने के अधिकार को समाप्त करने के प्रयास का कांग्रेस पुरजोर विरोध करेगी।
कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर 27 अगस्त से राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है। पार्टी का कहना है कि यह आंदोलन केवल राजधानी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राज्य के अलग-अलग प्रखंडों और जिलों में भी विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कांग्रेस के इस आंदोलन के साथ झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) भी तैयारी कर रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में एमएमडीआर संशोधन को लेकर राज्य की राजनीति गरमाने के आसार हैं।
खनिज पर सेस के अधिकार को लेकर विरोध
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि एमएमडीआर संशोधन विधेयक के माध्यम से राज्यों के अधिकारों को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उनका आरोप है कि केंद्र सरकार राज्यों को खनिजों पर सेस वसूलने के अधिकार से वंचित करना चाहती है। कांग्रेस इसे राज्यों के आर्थिक और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर विषय मान रही है।
झारखंड जैसे खनिज संपदा से समृद्ध राज्य के लिए यह मुद्दा विशेष महत्व रखता है। राज्य की अर्थव्यवस्था में कोयला, लौह अयस्क और अन्य खनिजों की बड़ी भूमिका है। खनिज संसाधनों से मिलने वाला राजस्व राज्य के विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में खनिजों से जुड़े कर और सेस पर राज्यों के अधिकार को लेकर किसी भी बदलाव का सीधा असर राज्य के राजस्व पर पड़ सकता है।
कांग्रेस का कहना है कि केंद्र को राज्यों के अधिकारों को कमजोर करने के बजाय राज्यों के हितों को ध्यान में रखकर नीतियां बनानी चाहिए। पार्टी इसी मुद्दे को जनता के बीच ले जाने की तैयारी में है।
27 अगस्त से शुरू होगा आंदोलन
कांग्रेस के अनुसार, राज्यव्यापी आंदोलन की शुरुआत 27 अगस्त से होगी। पार्टी कार्यकर्ता प्रखंड स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करेंगे और इसके बाद आंदोलन को जिला तथा राज्य स्तर तक विस्तार दिया जाएगा। पार्टी की कोशिश है कि एमएमडीआर संशोधन के मुद्दे को व्यापक जनसमर्थन मिले।
प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व ने कार्यकर्ताओं से आंदोलन को प्रभावी बनाने और अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ने की अपील की है। पार्टी का मानना है कि खनिज संसाधनों पर राज्य के अधिकार का सवाल केवल राजनीतिक दलों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका संबंध राज्य के आर्थिक हितों और आम जनता से भी है।
आंदोलन के दौरान कांग्रेस केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन करेगी और एमएमडीआर संशोधन से होने वाले संभावित प्रभावों को जनता के सामने रखने का प्रयास करेगी। पार्टी नेताओं का कहना है कि राज्य के हितों से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस पीछे नहीं हटेगी।
जेएमएम भी आंदोलन की तैयारी में
कांग्रेस के इस आंदोलन के बीच जेएमएम भी इसी मुद्दे को लेकर अपनी रणनीति तैयार कर रहा है। यदि दोनों दल एक साथ सड़क पर उतरते हैं तो झारखंड में राजनीतिक विरोध का असर व्यापक हो सकता है।





