झारखंड

युवाओं को AI और साइबर सुरक्षा की ट्रेनिंग देगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

Kavita2
9 Sept 2026 5:40 PM IST
युवाओं को AI और साइबर सुरक्षा की ट्रेनिंग देगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
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देवघर। जिला प्रशासन ने युवाओं को आधुनिक तकनीकी शिक्षा से जोड़ने और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया की अध्यक्षता में हुई डीएमएफटी (जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट) प्रबंधकीय समिति की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

बैठक में डीएमएफटी क्षेत्र के युवाओं के कौशल विकास और रोजगारपरक प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के लिए ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ की स्थापना का निर्णय लिया गया। यह केंद्र युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और साइबर सुरक्षा जैसे आधुनिक क्षेत्रों में उन्नत प्रशिक्षण उपलब्ध कराएगा।

प्रशासन का उद्देश्य है कि खनन प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं को बदलती तकनीक और उद्योगों की मांग के अनुरूप तैयार किया जाए, ताकि उन्हें बेहतर रोजगार के अवसर मिल सकें। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से युवाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की योजना है।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहे हैं। इन क्षेत्रों में प्रशिक्षित युवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में स्थानीय युवाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार से जोड़ना प्रशासन की प्राथमिकता है।

इस केंद्र में युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान भी दिया जाएगा, जिससे वे उद्योगों की जरूरतों के अनुसार अपनी क्षमता विकसित कर सकें। प्रशासन का मानना है कि यह पहल क्षेत्र के युवाओं के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।

बैठक में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने से जुड़े कई फैसले भी लिए गए। डीएमएफटी प्रभावित क्षेत्रों के स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान देने का निर्णय लिया गया।

इसके तहत प्रभावित क्षेत्रों के 48 स्कूलों में पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने और नए शौचालय निर्माण एवं पुराने शौचालयों की मरम्मत के कार्यों को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई।

अधिकारियों ने कहा कि बेहतर शिक्षा के लिए स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं का होना बेहद जरूरी है। साफ पानी और स्वच्छ शौचालय जैसी सुविधाएं छात्रों के स्वास्थ्य और पढ़ाई के माहौल को बेहतर बनाती हैं।

प्रशासन की ओर से इन कार्यों को जल्द पूरा कराने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। स्कूलों में सुविधाओं के विस्तार से विद्यार्थियों और शिक्षकों को सीधा लाभ मिलेगा।

डीएमएफटी फंड का उपयोग मुख्य रूप से खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास और वहां रहने वाले लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए किया जाता है। बैठक में इसी उद्देश्य के अनुरूप योजनाओं को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।

उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी स्वीकृत योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि युवाओं को कौशल विकास से जोड़ना और शिक्षा के क्षेत्र में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। आधुनिक तकनीकी शिक्षा के माध्यम से युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार किया जा सकता है।

बैठक में डीएमएफटी से जुड़े अन्य विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने योजनाओं की प्रगति और आगामी कार्ययोजना पर चर्चा की।

प्रशासन की इस पहल से खनन प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले युवाओं और विद्यार्थियों को नई सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस जहां युवाओं को आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण देगा, वहीं स्कूलों में सुविधाओं के विस्तार से शिक्षा व्यवस्था मजबूत होगी।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन के इन फैसलों का स्वागत किया है। उनका कहना है कि तकनीकी शिक्षा और बेहतर स्कूल सुविधाएं क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

कुल मिलाकर डीएमएफटी प्रबंधकीय समिति की बैठक में लिए गए फैसले युवाओं के कौशल विकास और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माने जा रहे हैं। प्रशासन की योजना है कि इन परियोजनाओं के माध्यम से क्षेत्र के लोगों को सीधे लाभ पहुंचाया जाए और विकास की गति को और तेज किया जाए।

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