
Jharkhand झारखंड : गिद्दी ख पंचायत के डीएवी पब्लिक स्कूल के समीप निर्माणाधीन उप स्वास्थ्य केंद्र का छज्जा ढलाई के कुछ ही घंटे बाद गिरने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मंगलवार देर शाम हुई इस घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में नाराजगी है। लोगों ने निर्माण कार्य में अनियमितता और घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, गिद्दी ख पंचायत क्षेत्र में करीब 54 लाख रुपये की लागत से उप स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण कराया जा रहा है। मंगलवार को निर्माण एजेंसी की ओर से भवन के छज्जे की ढलाई का काम कराया गया था। मजदूरों ने दिनभर छज्जे की ढलाई का कार्य किया। लेकिन देर शाम अचानक छज्जे का हिस्सा भरभराकर नीचे गिर गया।
गनीमत रही कि जिस समय यह हादसा हुआ, उस वक्त निर्माण कार्य में लगे मजदूर मौके पर मौजूद नहीं थे या समय रहते वहां से हट गए, जिससे किसी बड़े हादसे को टाला जा सका। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में घटनास्थल पर पहुंच गए और निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाने लगे।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी भवनों के निर्माण में अगर इस तरह की लापरवाही बरती जाएगी तो भविष्य में बड़ी दुर्घटना हो सकती है। लोगों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी की जा रही है और गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे मामले की तकनीकी जांच कराई जाए और दोषी लोगों पर कार्रवाई की जाए।
स्थानीय लोगों ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र जैसे महत्वपूर्ण भवन का निर्माण लंबे समय तक लोगों के उपयोग के लिए किया जाता है। ऐसे में इसकी मजबूती और गुणवत्ता सबसे ज्यादा जरूरी है। अगर निर्माण के शुरुआती चरण में ही छज्जा गिर जाता है तो इससे पूरे भवन की मजबूती पर संदेह पैदा होता है।
ग्रामीणों ने कहा कि सरकार की ओर से विकास कार्यों के लिए बड़ी राशि जारी की जाती है, लेकिन कई बार निर्माण एजेंसियों की लापरवाही के कारण योजनाओं का लाभ प्रभावित होता है। उन्होंने संबंधित विभाग से मांग की कि निर्माण सामग्री की जांच कराई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि भवन का निर्माण तय मानकों के अनुसार हो।
घटना के बाद निर्माण स्थल पर काम कर रहे मजदूरों और स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। ग्रामीणों ने कहा कि यदि छज्जा गिरने के समय मजदूर उसके नीचे काम कर रहे होते तो बड़ा हादसा हो सकता था। उन्होंने कहा कि यह घटना केवल लापरवाही नहीं बल्कि लोगों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला है।
विशेषज्ञों के अनुसार, छज्जे की ढलाई के बाद उसके गिरने के कई कारण हो सकते हैं। इनमें निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, सीमेंट और अन्य सामग्री का सही अनुपात, सरिया की मजबूती, शटरिंग की सही व्यवस्था और तकनीकी मानकों का पालन शामिल है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि हादसे की वास्तविक वजह क्या थी।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मौके का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की जांच कराई जाए। साथ ही दोषी पाए जाने वाले ठेकेदार या संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
फिलहाल घटना के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों की नाराजगी के बीच अब सबकी नजरें संबंधित विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कराएगा और उप स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण मजबूत तथा सुरक्षित तरीके से पूरा कराया जाएगा।





