झारखंड

झोलाछाप के इलाज से किशोर की मौत दुकान सील

Kavita2
27 Aug 2026 4:06 PM IST
झोलाछाप के इलाज से किशोर की मौत दुकान सील
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मझिआंव। बरडीहा थाना क्षेत्र के बरडीहा बाजार में कथित रूप से झोलाछाप के गलत इलाज से एक 17 वर्षीय किशोर की मौत का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से संचालित प्रज्ञा ड्रग स्टोर को सील कर दिया है। छापेमारी के दौरान दुकान से बड़ी मात्रा में एक्सपायरी दवाइयां और इलाज से जुड़े संदिग्ध सामान बरामद किए गए हैं।

बताया जा रहा है कि इस घटना ने एक परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। सामान्य बुखार के इलाज के लिए पहुंचे किशोर की हालत बिगड़ने के बाद उसकी मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया है कि गलत इलाज और लापरवाही के कारण किशोर की जान गई।

जानकारी के अनुसार, विशुनपुरा गांव निवासी गणेश पाल का 17 वर्षीय पुत्र अनोज कुमार पाल अपनी मां के साथ पिछले सोमवार को जीका गांव स्थित अपने ननिहाल आया था। ननिहाल पहुंचने के बाद अचानक उसकी तबीयत खराब हो गई और उसे बुखार हो गया।

किशोर की तबीयत बिगड़ने पर उसका मामा दिनेश पाल उसे इलाज के लिए बरडीहा बाजार स्थित प्रज्ञा ड्रग स्टोर लेकर गया। परिजनों के अनुसार, वहां मौजूद व्यक्ति ने किशोर का इलाज शुरू किया। इलाज के बाद उसकी हालत में सुधार होने के बजाय स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई।

परिजनों का कहना है कि किशोर को सामान्य बुखार था, लेकिन गलत इलाज के कारण उसकी तबीयत गंभीर हो गई। इसके बाद उसे बेहतर इलाज के लिए ले जाने की कोशिश की गई, लेकिन उसकी हालत इतनी बिगड़ चुकी थी कि उसे बचाया नहीं जा सका।

किशोर की मौत के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय लोगों में भी आक्रोश फैल गया। लोगों ने अवैध रूप से चल रहे ऐसे केंद्रों पर कार्रवाई की मांग उठाई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने जांच शुरू की। अधिकारियों की टीम ने प्रज्ञा ड्रग स्टोर पर छापेमारी की। जांच के दौरान दुकान में कई अनियमितताएं मिलीं। अधिकारियों को बड़ी मात्रा में एक्सपायरी दवाइयां मिलीं, जिन्हें नियमों के विपरीत रखा गया था।

इसके अलावा दुकान में इलाज से संबंधित कुछ ऐसे सामान भी मिले, जिनके उपयोग और रखरखाव को लेकर सवाल उठे हैं। प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए दुकान को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया।

अधिकारियों ने बताया कि बिना लाइसेंस या आवश्यक अनुमति के चिकित्सा सेवा देना कानून के खिलाफ है। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जो लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ करते हैं।

प्रशासन की कार्रवाई के बाद क्षेत्र में चल रहे अन्य अवैध चिकित्सा केंद्रों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में कई जगह बिना योग्य चिकित्सक और लाइसेंस के इलाज किया जाता है, जिससे मरीजों की जान खतरे में पड़ सकती है।

स्वास्थ्य विभाग भी इस मामले की जांच कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि बरामद दवाइयों और अन्य सामानों की जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

किशोर अनोज कुमार पाल की मौत से परिवार सदमे में है। परिजनों ने प्रशासन से मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए अवैध इलाज करने वालों पर रोक लगनी चाहिए।

ग्रामीणों ने भी प्रशासन की कार्रवाई का स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर लापरवाही करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाना जरूरी है, ताकि किसी और परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।

फिलहाल प्रज्ञा ड्रग स्टोर को सील कर दिया गया है और मामले की जांच जारी है। प्रशासन का कहना है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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