झारखंड

अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम का भारी विरोध, छह घंटे सड़क पर डटे रहे लोग

Kavita2
16 Sept 2026 9:55 AM IST
अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम का भारी विरोध, छह घंटे सड़क पर डटे रहे लोग
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रांची। राजधानी रांची में अतिक्रमण हटाओ अभियान को लेकर विरोध तेज होता जा रहा है। मंगलवार को एचईसी की जमीन से कथित अवैध कब्जा हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम को स्थानीय लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। कार्रवाई के दौरान कई मकान और दुकानों को ध्वस्त किए जाने के बाद बड़ी संख्या में महिला और पुरुष सड़क पर उतर आए। नाराज लोगों ने सेटेलाइट कॉलोनी से बिरसा चौक जाने वाले मार्ग को जाम कर दिया। करीब छह घंटे तक सड़क पर प्रदर्शन जारी रहने के कारण इस मार्ग पर यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई।

बताया जा रहा है कि प्रशासनिक टीम एचईसी की जमीन पर किए गए कथित अतिक्रमण को हटाने के लिए मंगलवार को संबंधित इलाके में पहुंची थी। टीम के साथ कार्रवाई के लिए जरूरी संसाधन और सुरक्षा व्यवस्था भी मौजूद थी। जैसे ही मकानों और दुकानों को हटाने की कार्रवाई शुरू हुई, स्थानीय लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। लोगों ने कार्रवाई रोकने की मांग की, लेकिन प्रशासन ने अभियान जारी रखा और कई निर्माण ध्वस्त कर दिए।

कार्रवाई से नाराज स्थानीय लोगों का गुस्सा इसके बाद और बढ़ गया। बड़ी संख्या में महिलाएं भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हुईं। लोगों ने सड़क पर उतरकर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की और सेटेलाइट कॉलोनी से बिरसा चौक जाने वाली सड़क को जाम कर दिया। देखते ही देखते प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ती चली गई।

छह घंटे तक प्रभावित रहा यातायात

प्रदर्शन के कारण महत्वपूर्ण मार्ग पर करीब छह घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। सड़क जाम होने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई वाहनों को दूसरे रास्तों से निकलना पड़ा। व्यस्त मार्ग होने के कारण जाम का असर आसपास की सड़कों पर भी देखने को मिला।

लंबे समय तक चले विरोध प्रदर्शन में स्थानीय लोग कार्रवाई को रोकने और उनकी समस्याओं को सुनने की मांग करते रहे। प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना था कि मकान और दुकान टूटने से कई परिवारों के सामने रहने और रोजगार का संकट खड़ा हो गया है।

महिलाओं ने भी संभाला विरोध का मोर्चा

अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के विरोध में महिलाओं की भी बड़ी भागीदारी रही। कई महिलाएं सड़क पर बैठ गईं और कार्रवाई का विरोध किया। स्थानीय लोगों का कहना था कि वे लंबे समय से इलाके में रह रहे हैं और अचानक निर्माण हटाए जाने से उनके सामने मुश्किल स्थिति पैदा हो गई है।

वहीं प्रशासन की कार्रवाई एचईसी की जमीन पर किए गए कथित अवैध कब्जों को हटाने के अभियान का हिस्सा बताई जा रही है। कार्रवाई के दौरान किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए सुरक्षा के इंतजाम भी किए गए थे।

कई मकान और दुकानें ध्वस्त

विरोध के बावजूद प्रशासनिक टीम ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी रखी। इस दौरान कई मकानों और दुकानों को ध्वस्त कर दिया गया। अपने मकान और दुकान टूटते देखकर प्रभावित परिवार परेशान नजर आए। कार्रवाई के बाद मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।

स्थानीय लोगों के अनुसार, मकानों के साथ दुकानों पर कार्रवाई होने से कई परिवारों की आजीविका भी प्रभावित हुई है। दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करने वाले लोगों ने प्रशासन से राहत देने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर लंबे समय तक सड़क नहीं छोड़ी।

बिरसा चौक जाने वाले लोगों को हुई परेशानी

सेटेलाइट कॉलोनी से बिरसा चौक जाने वाले मार्ग पर प्रदर्शन का असर आम लोगों पर भी पड़ा। छह घंटे तक रास्ता बाधित रहने से दैनिक काम से निकलने वाले लोगों और वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्ग तलाशने पड़े। जाम के कारण आसपास के क्षेत्रों में वाहनों का दबाव बढ़ गया।

प्रदर्शन लंबा खिंचने के साथ मौके पर लोगों की भीड़ बनी रही। प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े अधिकारी स्थिति पर नजर रखे हुए थे। एक तरफ अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई चलती रही तो दूसरी तरफ प्रभावित लोग विरोध दर्ज कराते रहे।

अतिक्रमण अभियान को लेकर बढ़ रहा विरोध

रांची में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पिछले कुछ समय से चर्चा में है। अलग-अलग क्षेत्रों में अभियान चलाए जाने के बीच प्रभावित लोगों की ओर से विरोध भी सामने आ रहा है। मंगलवार को एचईसी की जमीन पर हुई कार्रवाई के बाद विरोध बड़े प्रदर्शन में बदल गया।

इस पूरे घटनाक्रम ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के साथ प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और आजीविका से जुड़े सवालों को भी सामने ला दिया है। स्थानीय लोग अपनी समस्याओं के समाधान और राहत की मांग कर रहे हैं। वहीं संबंधित भूमि पर कब्जे की वैधानिक स्थिति और प्रशासनिक कार्रवाई से जुड़े दस्तावेजों के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय होने की संभावना है।

फिलहाल मंगलवार की कार्रवाई के बाद इलाके में अतिक्रमण का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। कई मकान और दुकानें हटाए जाने तथा करीब छह घंटे तक सड़क जाम रहने से इसका असर प्रभावित परिवारों के साथ आम लोगों पर भी पड़ा।

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