झारखंड

तरुण कपूर ने मुनीडीह CBM प्रोजेक्ट का लिया जायजा

Kavita2
1 Sept 2026 11:54 AM IST
तरुण कपूर ने मुनीडीह CBM प्रोजेक्ट का लिया जायजा
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धनबाद: प्रधानमंत्री के सलाहकार तरुण कपूर ने बीसीसीएल (भारत कोकिंग कोल लिमिटेड) की मुनीडीह कोलियरी में संचालित कोल बेड मीथेन (CBM) प्रोजेक्ट का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मीथेन गैस के निष्कर्षण की प्रक्रिया, इसके संभावित व्यावसायिक उपयोग और खदानों में सुरक्षा के लिहाज से इसकी भूमिका को लेकर अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की।

तरुण कपूर ने कहा कि जहां भी कोल बेड मीथेन गैस की उपलब्धता है, वहां इसे सुरक्षित तकनीक के माध्यम से निकालकर उपयोग में लाने की दिशा में तेजी से काम किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मीथेन गैस का बेहतर उपयोग ऊर्जा क्षेत्र के साथ-साथ खनन सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

CBM प्रोजेक्ट की कार्यप्रणाली की ली जानकारी

मुनीडीह कोलियरी में पहुंचने पर प्रभा एनर्जी लिमिटेड के प्रोजेक्ट हेड राजीव लोचन ने प्रधानमंत्री सलाहकार तरुण कपूर और अन्य अधिकारियों का स्वागत किया।

उन्होंने प्रोजेक्ट की पूरी कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दी। इस दौरान गैस निष्कर्षण की तकनीक, उत्पादन प्रक्रिया और अब तक हुई प्रगति के बारे में विस्तार से बताया गया।

राजीव लोचन ने अधिकारियों को बताया कि कोल बेड मीथेन परियोजना का उद्देश्य कोयला खदानों में मौजूद मीथेन गैस को सुरक्षित तरीके से निकालना और उसका उपयोग करना है।

खदान सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है मीथेन निष्कर्षण

निरीक्षण के दौरान तरुण कपूर ने कहा कि कोयला खदानों में मीथेन गैस की मौजूदगी कई बार सुरक्षा के लिए चुनौती बन सकती है। ऐसे में इसे नियंत्रित तरीके से निकालना खदानों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में मदद कर सकता है।

उन्होंने कहा कि CBM तकनीक के जरिए न केवल ऊर्जा संसाधन का उपयोग किया जा सकता है, बल्कि खदानों में गैस से जुड़े जोखिम को भी कम किया जा सकता है।

व्यावसायिक उपयोग की संभावनाओं पर चर्चा

तरुण कपूर ने अधिकारियों के साथ मीथेन गैस के व्यावसायिक उपयोग को लेकर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि देश में उपलब्ध ऊर्जा संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल जरूरी है।

उन्होंने कहा कि कोल बेड मीथेन को प्राकृतिक गैस के विकल्प के रूप में उपयोग करने की संभावनाएं तलाशी जानी चाहिए। इससे ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती मिल सकती है और आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।

अधिकारियों ने दी परियोजना की जानकारी

निरीक्षण के दौरान कंपनी के अधिकारियों ने परियोजना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गैस निष्कर्षण के लिए आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।

अधिकारियों ने परियोजना की मौजूदा स्थिति, उत्पादन क्षमता और भविष्य की योजनाओं के बारे में भी जानकारी साझा की।

कई अधिकारी रहे मौजूद

इस अवसर पर कंपनी के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट सुनील सिंह, असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट सिद्धार्थ भुइयां और महाप्रबंधक (ऑपरेशंस) अंबिका प्रसाद सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

अधिकारियों ने तरुण कपूर को परियोजना की प्रगति और भविष्य की संभावनाओं से अवगत कराया।

ऊर्जा क्षेत्र में नई संभावनाओं पर जोर

तरुण कपूर ने कहा कि देश में ऊर्जा की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए वैकल्पिक और स्वदेशी ऊर्जा स्रोतों का विकास जरूरी है।

उन्होंने कहा कि CBM जैसी परियोजनाएं ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। इसके लिए तकनीकी क्षमता बढ़ाने और सुरक्षित तरीके से संसाधनों के उपयोग पर ध्यान देने की आवश्यकता है।

सुरक्षित और प्रभावी उपयोग पर दिया बल

प्रधानमंत्री सलाहकार ने अधिकारियों से कहा कि मीथेन गैस के निष्कर्षण में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी परियोजना की सफलता तभी मानी जाएगी जब वह सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल तरीके से संचालित हो।

उन्होंने अधिकारियों को सुझाव दिया कि जहां भी कोल बेड मीथेन गैस की उपलब्धता है, वहां वैज्ञानिक तरीके से उसका दोहन किया जाए।

CBM प्रोजेक्ट का बढ़ता महत्व

कोल बेड मीथेन परियोजनाएं भारत के ऊर्जा क्षेत्र में तेजी से महत्वपूर्ण होती जा रही हैं। कोयला खदानों में मौजूद मीथेन गैस को निकालकर ऊर्जा के रूप में इस्तेमाल करने से कई फायदे हो सकते हैं।

मुनीडीह CBM प्रोजेक्ट इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। तरुण कपूर के निरीक्षण से परियोजना की उपयोगिता और भविष्य की संभावनाओं पर एक बार फिर ध्यान केंद्रित हुआ है।

निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि परियोजना को सुरक्षा मानकों के साथ आगे बढ़ाया जाएगा और मीथेन गैस के प्रभावी उपयोग की दिशा में लगातार काम किया जाएगा।

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