
धनबाद। झारखंड के धनबाद में ठगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां अंधविश्वास का डर दिखाकर ठगों ने एक महिला से करीब 8 लाख रुपये के सोने के गहने ठग लिए। ठगों ने महिला को अशुभ प्रभाव और पूजा-पाठ का झांसा देकर अपने जाल में फंसाया और वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। यह घटना धनबाद थाना क्षेत्र के बिशुनपुर इलाके की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह स्थानीय निवासी राजकुमारी देवी मंदिर में पूजा करने के बाद अपने घर लौट रही थीं। इसी दौरान कुछ ठगों ने उन्हें निशाना बनाया।
पीड़िता के मुताबिक, एक व्यक्ति उनके पीछे आया और आवाज देकर उन्हें रोका। उसने महिला से कहा कि उनके घर पर अशुभ प्रभाव है और अगर इसका समाधान नहीं किया गया तो बड़ा नुकसान हो सकता है। ठग ने अपनी बातों में फंसाकर महिला को डराना शुरू कर दिया। आरोप है कि ठग ने महिला को गहनों से जुड़ी बातों में उलझाया और कहा कि घर में रखे तथा पहने हुए सभी गहने लेकर आ जाएं। इसके बाद उसने एक विशेष प्रक्रिया का बहाना बनाया और महिला से कहा कि वह 51 कदम बिना पीछे देखे चले। महिला जब बताए गए तरीके से आगे बढ़ने लगी तो ठग गहने लेकर मौके से फरार हो गए।
कुछ देर बाद जब राजकुमारी देवी को ठगी का एहसास हुआ तो उन्होंने आसपास तलाश की, लेकिन आरोपी वहां से गायब हो चुके थे। इसके बाद उन्होंने मामले की जानकारी धनबाद थाना पुलिस को दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। पुलिस को उम्मीद है कि सीसीटीवी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही ठगों तक पहुंचा जा सकेगा।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के मामलों में अक्सर ठग लोगों के अंधविश्वास और डर का फायदा उठाते हैं। ऐसे में लोगों को किसी भी अनजान व्यक्ति की बातों में आने से बचना चाहिए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देनी चाहिए। स्थानीय लोगों ने भी इस घटना के बाद चिंता जताई है। उनका कहना है कि इलाके में इस तरह की ठगी की घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस को गश्त बढ़ानी चाहिए और लोगों को जागरूक करना चाहिए।
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की तलाश के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। पुलिस टीम ठगों के पुराने रिकॉर्ड और उनके संभावित नेटवर्क की भी जांच कर रही है। यह घटना एक बार फिर यह संदेश देती है कि अंधविश्वास और डर के चलते लोग आसानी से ठगों का शिकार बन सकते हैं। लोगों को सावधानी बरतने और बिना पुष्टि के किसी भी व्यक्ति की बातों पर भरोसा नहीं करने की जरूरत है।





