झारखंड

Ramgarh में हाजत से भागे युवक की संदिग्ध मौत, संगठन पर दर्ज हुई FIR

Tara Tandi
27 July 2025 4:41 PM IST
Ramgarh में हाजत से भागे युवक की संदिग्ध मौत, संगठन पर दर्ज हुई FIR
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Ramgarh रामगढ़: रामगढ़ थाना हाजत से फरार हुए आफताब अंसारी का शव शनिवार देर रात दामोदर नदी से बरामद कर लिया गया है. इस घटना के बाद रामगढ़ थाना में हिंदू टाइगर फोर्स के खिलाफ दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से एक व्यक्ति राजेश सिन्हा को गिरफ्तार कर लिया गया है. बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसपी अजय कुमार के निर्देश पर चार टीमें गठित की गई हैं, जो लगातार छापेमारी कर रही हैं.
उल्लेखनीय है कि आफताब पुलिस हिरासत से फरार हो गया था. जिसके बाद आईजी के निर्देश पर रामगढ़ थाना के प्रभारी इंस्पेक्टर पीके सिंह को निलंबित किया जा चुका है. इधर, इस मामले को लेकर रामगढ़ थाना में दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई है. जिसके बाद पुलिस ने हिन्दु टाइगर फोर्स नामक संगठन के राजेश सिन्हा को गिरफ्तार कर लिया है.
दो प्राथमिकी दर्ज
आफताब का शव मिलने के बाद रामगढ़ थाना में दो मामले दर्ज किए गए हैं. पहला मामला मृतक आफताब अंसारी की पत्नी सलेहा खातून ने दर्ज कराया है, जबकि दूसरा मामला अर्शी गारमेंट्स दुकान की मालकिन नेहा सिंह ने दर्ज कराया है. आफताब इसी दुकान में काम करता था. प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने हिंदू टाइगर फोर्स के राजेश सिंह को गिरफ्तार कर लिया है.
आफताब की पत्नी का आरोप
आफताब की पत्नी सलेहा खातून ने अपनी शिकायत में बताया है कि आफताब अंसारी गोला रोड के चट्टी बाजार स्थित अर्शी गारमेंट्स में काम करते थे. 23 जुलाई को उनके पति के खिलाफ रामगढ़ थाना में यौन उत्पीड़न का एक मामला दर्ज हुआ था. उसी दिन शाम लगभग 3 बजे, एक कार पर सवार कुछ लोग अर्शी गारमेंट्स आए और खुद को "टाइगर फोर्स" का सदस्य बताया. उनमें से तीन लोग दुकान में घुसकर आफताब को पीटने लगे और घसीटते हुए बाहर ले गए. दुकान के बाहर में भी आफताब के साथ मारपीट की. थोड़ी देर बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आफताब को हिरासत में ले लिया. जिसके बाद से आफताब की कोई जानकारी उन्हें नहीं मिली.
दुकान मालिक नेहा सिंह का आरोप
अर्शी गारमेंट्स की मालिक नेहा सिंह ने भी हिंदू टाइगर फोर्स के सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है. दर्ज प्राथमिकी में उन्होंने बताया है कि 23 जुलाई को कुछ लोग उनकी दुकान में घुसे और खुद को हिंदू टाइगर फोर्स का सदस्य बताया. उन्होंने आफताब अंसारी पर ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाकर जान से मारने की नीयत से उसके पेट, सीने और गर्दन पर मुक्कों और लातों से हमला किया. मारपीट के दौरान आफताब जमीन पर गिर गया, लेकिन वे उसे बुरी तरह पीटते हुए घसीटकर सड़क पर ले गए.
प्राथमिकी के मुताबिक जब नेहा सिंह और अन्य कर्मचारियों ने आफताब को बचाने की कोशिश की, तो उनके साथ भी बदतमीजी और छेड़छाड़ की गई. किसी तरह हिम्मत करके वे आफताब को भीड़ से निकालकर दुकान के अंदर एक कमरे में बंद करने में कामयाब रहे. नेहा सिंह ने यह भी बताया कि मारपीट के दौरान उन लोगों ने मुस्लिम धर्मावलंबियों को निशाना बनाकर गंदी-गंदी गालियां दीं.
इसके अतिरिक्त, उन्होंने दीपक सिसोदिया द्वारा अपने फेसबुक पेज पर लिखी गई एक पोस्ट का जिक्र किया, जिसमें कहा गया था कि "कुछ दिन पूर्व हिंदू टाइगर फोर्स से एक हिंदू आदिवासी युवती के द्वारा मदद मांगा गया था, जिसमें यह गुड्डु उर्फ आफताब अंसारी नौकरी देने के बहाने यौन शोषण किया और फोटो वीडियो बनाकर धर्म परिवर्तन कराने के लिए ब्लैकमेल कर रहा था. ग्रूप ने पीड़िता को आश्वासन दिया था कि न्याय होगा और कई दिनों से टीम इसको तलाश कर रही थी, जिससे आज इसको चट्टी बाजार रामगढ़ से पकड़ा और पीड़िता के साथ न्याय हुआ. इस पोस्ट में आफताब अंसारी की तस्वीर भी लगी हुई थी.
जान से मारने की धमकी दी गई
नेहा सिंह ने प्राथमिकी में आगे बताया है कि राजेश सिन्हा ने भी एक व्हाट्सएप ग्रुप में दीपक सिसोदिया की फेसबुक पोस्ट का स्क्रीनशॉट साझा करते हुए उनके दुकान संचालक शमीम अंसारी को इंगित करते हुए लिखा था कि भुरकुंडा के एक मुस्लिम कपड़ा व्यवसायी लव जिहाद को बढ़ावा दे रहा है, खुद भी देह व्यापार में जेल जा चुका है, करोड़ों के कमेटी घोटाला में भी शामिल है. भुरकुंडा के घोटाले के पैसे से रामगढ़ में बड़ा दुकान खोला है. उस पर भी कार्रवाई बहुत आवश्यक है.
नेहा सिंह के अनुसार, राजेश सिन्हा और दीपक सिसोदिया द्वारा फेसबुक और व्हाट्सएप पर इस तरह की बातें लिखकर वायरल की जा रही हैं, जिससे सामाजिक सौहार्द और सांप्रदायिक तनाव बढ़ रहा है. जब उनके दुकान संचालक शमीम अंसारी ने इस संबंध में थाना में लिखित आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज कराई, तब भी राजेश सिन्हा और दीपक सिसोदिया ने आफताब और उन्हें जान से मारने की धमकी देते हुए कहा कि मारपीट करने वाले हिंदू टाइगर फोर्स के लड़के उनके ही हैं और उन्होंने ही उन्हें दुकान में भेजा था. नेहा सिंह को डर है कि उपरोक्त लोगों द्वारा कभी भी उनके साथ कोई अप्रिय घटना को अंजाम दिया जा सकता है.
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