झारखंड

लाठीचार्ज और आंसू गैस के बीच छात्रों का प्रदर्शन रांची में बढ़ा तनाव

Ratna Netam
10 Aug 2026 7:48 PM IST
लाठीचार्ज और आंसू गैस के बीच छात्रों का प्रदर्शन रांची में बढ़ा तनाव
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रांची : झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। रांची में पिछले 18 दिनों से जारी छात्र आंदोलन के तहत सोमवार को हजारों अभ्यर्थियों ने विधानसभा मार्च का प्रयास किया। सुबह करीब 9 बजे से छात्र विधानसभा की ओर जाने के लिए जुटने लगे थे और शाम चार बजे के बाद भी बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी मौके पर डटे रहे। कई घंटे तक चले प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच तनाव की स्थिति बनी रही।
प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने सुरक्षा के कई स्तर बनाए थे। जैसे-जैसे छात्र आगे बढ़ने की कोशिश करते रहे, पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बावजूद बड़ी संख्या में छात्र पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हुए। पुलिस ने इसके बाद आंसू गैस के गोले भी छोड़े। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच स्थिति बिगड़ने के बाद लाठीचार्ज भी किया गया। प्रदर्शन स्थल पर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
बताया गया कि पुलिस की कार्रवाई के दौरान छह आंसू गैस के गोले छोड़े गए। इसके बाद जगन्नाथपुर मंदिर के पीछे प्रदर्शन कर रहे छात्रों और पुलिस के बीच सीधा टकराव हुआ। इस दौरान पथराव और जूते-चप्पल फेंके जाने की बात सामने आई। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया। टकराव के दौरान एक छात्र के सिर में गंभीर चोट लग गई और उसके सिर से खून बहने लगा। इसके अलावा कई अन्य छात्रों और पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई। घायल पुलिसकर्मी को तत्काल एंबुलेंस की मदद से अस्पताल भेजा गया।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने पुलिस की बैरिकेडिंग को हटाकर आगे बढ़ने का प्रयास किया। बड़ी संख्या में छात्र सुरक्षा घेरे को पार करते हुए खेतों और कच्चे रास्तों से आगे बढ़े। दोपहर करीब दो बजे तक कुछ प्रदर्शनकारी नए विधानसभा भवन से लगभग 200 मीटर की दूरी तक पहुंच गए। यह इलाका बेहद संवेदनशील होने के कारण प्रशासन के लिए स्थिति को नियंत्रित करना चुनौतीपूर्ण हो गया।
इसी दौरान जेएलकेएम विधायक जयराम महतो भी मौके पर पहुंचे और आंदोलन कर रहे छात्रों से बातचीत की। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। बातचीत के बाद कई छात्र सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी जारी रखी। हालांकि, प्रदर्शन पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ और विधानसभा के आसपास बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे।
छात्रों का कहना है कि उनका आंदोलन केवल एक परीक्षा या एक भर्ती प्रक्रिया तक सीमित नहीं है, बल्कि यह झारखंड में सरकारी भर्ती व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग से जुड़ा है। आंदोलनकारी जेएसएससी सीजीएल जैसी विवादित परीक्षाओं को रद्द करने, चयन प्रक्रिया में सुधार करने और पूरे मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई से जांच कराने की मांग पर अड़े हुए हैं।
प्रदर्शनकारियों की ओर से आरोप लगाया जा रहा है कि भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली और अनियमितताओं के कारण हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य पर असर पड़ा है। छात्रों का कहना है कि लंबे समय तक तैयारी करने के बाद यदि भर्ती प्रक्रिया पर ही सवाल खड़े हो जाएं तो अभ्यर्थियों का सरकारी भर्ती व्यवस्था से विश्वास उठ सकता है। इसी वजह से वे पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
इस बीच झारखंड विधानसभा में सोमवार को विपक्ष की गैरमौजूदगी में कार्यवाही चली। दोपहर बाद सदन की कार्यवाही को मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया। दूसरी ओर विधानसभा के बाहर छात्रों का आंदोलन जारी रहा। विधानसभा परिसर की ओर बढ़ने की कोशिश के बाद छात्रों के अलग-अलग समूह बन गए और कुछ प्रदर्शनकारी विधायक आवास यानी एमएलए हॉस्टल की ओर भी बढ़ने लगे। पुलिस और प्रशासन की टीमें इन समूहों को रोकने के लिए लगातार प्रयास करती रहीं।
18 दिनों से जारी इस आंदोलन के सोमवार को उग्र रूप लेने के बाद सरकार और प्रशासन के सामने छात्रों से बातचीत कर गतिरोध समाप्त करने की चुनौती बढ़ गई है। छात्र अपनी मांगों पर पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं। वहीं सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए विधानसभा और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई गई है।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार छात्रों की मांगों पर क्या कदम उठाती है और क्या बातचीत के जरिए इस लंबे आंदोलन का समाधान निकाला जा सकता है। फिलहाल जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं को लेकर छात्रों का विरोध जारी है और रांची में आंदोलन ने झारखंड की भर्ती व्यवस्था से जुड़े सवालों को एक बार फिर राजनीतिक और प्रशासनिक बहस के केंद्र में ला दिया है।
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