
रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की नियुक्ति परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। सोमवार को छात्र आंदोलन का 17वां दिन है। रविवार को छात्रों और सरकार के प्रतिनिधिमंडल के बीच तीसरे दौर की वार्ता हुई, लेकिन बातचीत किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच सकी। छात्रों की दो प्रमुख मांगों पर सहमति नहीं बनने के बाद आंदोलनकारियों ने सोमवार को विधानसभा घेराव का ऐलान किया है।
छात्र संगठनों का कहना है कि नियुक्ति परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना जरूरी है। उनका आरोप है कि परीक्षा प्रक्रिया में सामने आई अनियमितताओं को लेकर उनकी चिंताओं का समाधान अब तक नहीं हुआ है। इसी वजह से वे लगातार आंदोलन कर रहे हैं।
17वें दिन भी जारी आंदोलन
JPSC और JSSC से जुड़ी नियुक्ति परीक्षाओं को लेकर शुरू हुआ छात्रों का आंदोलन अब 17वें दिन में प्रवेश कर गया है। प्रदर्शनकारी छात्र अपनी मांगों को लेकर लगातार सरकार पर दबाव बना रहे हैं।
छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर स्पष्ट फैसला नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। आंदोलन के दौरान छात्र सरकार से परीक्षा प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट जवाब और जिम्मेदारी तय करने की मांग कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों के अनुसार, लंबे समय से आंदोलन के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने के कारण अब विधानसभा का घेराव करने का निर्णय लिया गया है।
तीसरे दौर की वार्ता भी बेनतीजा
रविवार को छात्रों और सरकार के प्रतिनिधिमंडल के बीच तीसरे दौर की वार्ता हुई। बातचीत में छात्रों की मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई, लेकिन दो प्रमुख मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई।
छात्र प्रतिनिधियों ने सरकार के सामने अपनी मांगें रखीं और नियुक्ति परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर अपना पक्ष रखा। सरकार की ओर से भी छात्रों की चिंताओं पर चर्चा की गई, लेकिन दोनों पक्ष किसी अंतिम समाधान पर नहीं पहुंच सके।
वार्ता विफल होने के बाद छात्र संगठनों ने अपना आंदोलन और तेज करने का फैसला किया।
विधानसभा घेराव की तैयारी
तीसरे दौर की बातचीत के बेनतीजा रहने के बाद छात्रों ने सोमवार को विधानसभा घेराव का कार्यक्रम तय किया है। इसके लिए बड़ी संख्या में छात्रों के रांची पहुंचने और प्रदर्शन में शामिल होने की बात कही जा रही है।
विधानसभा घेराव को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाए जाने की संभावना है। विधानसभा की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल की तैनाती और बैरिकेडिंग की जा सकती है।
प्रशासन के सामने चुनौती यह होगी कि प्रदर्शन को नियंत्रित करते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखी जाए और विधानसभा परिसर की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाए।
छात्रों की मांगों पर टिकी नजर
आंदोलन का केंद्र JPSC और JSSC की नियुक्ति परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों की शिकायतें हैं। छात्र चाहते हैं कि परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए और जिन बिंदुओं पर सवाल उठ रहे हैं, उनका स्पष्ट समाधान किया जाए।
छात्र संगठनों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यर्थी लंबे समय तक तैयारी करते हैं। ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी तरह की अनियमितता का सीधा असर उनके भविष्य पर पड़ता है।
इसी वजह से छात्र अपनी मांगों पर किसी तरह का समझौता करने के बजाय सरकार से ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
आंदोलन से बढ़ सकती है प्रशासन की चुनौती
छात्रों के विधानसभा घेराव के कार्यक्रम के कारण रांची में यातायात और सुरक्षा व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों के एक जगह जुटने से शहर के प्रमुख मार्गों पर आवाजाही प्रभावित होने की आशंका रहती है।
प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारियों को निर्धारित स्थानों तक सीमित रखने और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी की जा सकती है।
विधानसभा क्षेत्र में किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए पुलिस और प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरत सकता है।
सरकार के साथ बातचीत का रास्ता खुला
हालांकि रविवार को हुई तीसरे दौर की वार्ता बेनतीजा रही, लेकिन दोनों पक्षों के बीच बातचीत के दरवाजे पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं। सरकार छात्रों की मांगों पर आगे भी चर्चा कर सकती है।
छात्रों का कहना है कि वे समाधान चाहते हैं, लेकिन उनकी प्रमुख मांगों पर स्पष्ट निर्णय के बिना आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे। ऐसे में आने वाले दिनों में सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच फिर बातचीत होने की संभावना बनी हुई है।
आंदोलन के अगले कदम पर नजर
17 दिनों से जारी छात्र आंदोलन अब ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है जहां सरकार के सामने छात्रों की मांगों का समाधान निकालने की चुनौती बढ़ गई है। तीन दौर की बातचीत के बावजूद सहमति नहीं बनना सरकार के लिए चिंता का विषय है।
सोमवार को विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों का रुख और प्रशासन की प्रतिक्रिया आगे की रणनीति तय करने में महत्वपूर्ण होगी। यदि प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से होता है तो सरकार के साथ बातचीत के लिए माहौल बना रह सकता है। वहीं, किसी तरह का टकराव होने पर स्थिति जटिल हो सकती है।
फिलहाल छात्रों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं। सरकार और छात्रों के बीच अगली बातचीत कब होगी और दो प्रमुख मांगों पर किस तरह का समाधान निकलता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है। इस बीच रांची में छात्र आंदोलन के कारण राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी गतिविधियां तेज हो गई हैं।





