झारखंड

BIT मेसरा में छात्र को लगा करंट, 600 छात्रों ने कुलपति आवास का किया घेराव

Kavita2
7 Oct 2026 1:14 PM IST
BIT मेसरा में छात्र को लगा करंट, 600 छात्रों ने कुलपति आवास का किया घेराव
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रांची। बीआईटी मेसरा में मंगलवार देर शाम वॉलीबॉल खेलते समय इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (ECE) विभाग के प्रथम वर्ष के छात्र निशांत के करंट की चपेट में आने के बाद परिसर में जमकर हंगामा हुआ। घटना से नाराज करीब 600 छात्र कुलपति इंद्रनील मन्ना के आवास के सामने पहुंच गए और घेराव कर संस्थान की व्यवस्था तथा प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। देर रात तक बड़ी संख्या में छात्र वहां डटे रहे और घटना को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग करते रहे।

बताया जा रहा है कि मंगलवार शाम निशांत अन्य छात्रों के साथ परिसर में वॉलीबॉल खेल रहा था। इसी दौरान वह अचानक बिजली के करंट की चपेट में आ गया। घटना के बाद वहां मौजूद छात्रों में अफरातफरी मच गई। साथियों ने तत्काल उसे संभाला और इलाज के लिए बीआईटी मेसरा की डिस्पेंसरी पहुंचाया।

छात्र के करंट लगने की सूचना कुछ ही देर में पूरे परिसर में फैल गई। बड़ी संख्या में छात्र घटनास्थल और डिस्पेंसरी के आसपास जुटने लगे। घटना से नाराज विद्यार्थियों ने संस्थान की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि परिसर में आवश्यक सुरक्षा इंतजामों की अनदेखी के कारण छात्र की जान जोखिम में पड़ गई।

छात्रों का गुस्सा बढ़ने के बाद करीब 600 विद्यार्थी कुलपति इंद्रनील मन्ना के आवास के सामने पहुंच गए। उन्होंने वहां संस्थान प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगा। छात्रों का कहना था कि परिसर में बिजली से जुड़े उपकरणों और खेल मैदानों की नियमित जांच होनी चाहिए थी।

घेराव के दौरान छात्रों ने यह जानने की मांग की कि वॉलीबॉल कोर्ट के आसपास ऐसी स्थिति कैसे बनी कि कोई छात्र करंट की चपेट में आ गया। उन्होंने विद्युत व्यवस्था की तकनीकी जांच कराने और लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग उठाई।

घटना के बाद छात्रों में सुरक्षा को लेकर चिंता भी दिखाई दी। उनका कहना था कि छात्र रोजाना खेल के मैदानों और अन्य खुले क्षेत्रों का इस्तेमाल करते हैं। यदि किसी जगह खुले तार, विद्युत उपकरण या बिजली रिसाव जैसी समस्या है तो उसकी पहचान कर समय रहते उसे ठीक किया जाना चाहिए।

छात्र देर रात तक कुलपति आवास के बाहर जुटे रहे। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों और विद्यार्थियों के बीच बातचीत के प्रयास भी किए गए। छात्र तत्काल कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए ठोस सुरक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे थे।

प्रथम वर्ष के छात्र के साथ हुई घटना के कारण विशेष रूप से नए विद्यार्थियों में चिंता बढ़ गई। छात्रों ने कहा कि संस्थान की जिम्मेदारी केवल शिक्षा उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि कैंपस में रहने और पढ़ने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है।

निशांत को करंट कैसे लगा, इसका सटीक कारण तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। प्रारंभिक रूप से छात्र खेल के दौरान करंट की चपेट में आया बताया गया है। घटना से संबंधित बिजली के स्रोत और आसपास के उपकरणों की जांच जरूरी मानी जा रही है।

छात्रों ने खेल मैदानों की सुरक्षा ऑडिट कराने की मांग भी उठाई। उनका कहना था कि हॉस्टल, खेल परिसर और शैक्षणिक भवनों सहित सभी सार्वजनिक स्थानों की बिजली व्यवस्था की समय-समय पर जांच की जानी चाहिए।

विद्यार्थियों ने संस्थान की आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। घटना के बाद छात्र को पहले बीआईटी मेसरा की डिस्पेंसरी में ले जाया गया। छात्रों ने मांग की कि परिसर में किसी भी गंभीर दुर्घटना की स्थिति में तत्काल बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था मजबूत की जाए।

घटना के बाद परिसर का माहौल देर रात तक तनावपूर्ण बना रहा। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के एक साथ कुलपति आवास पर पहुंचने से संस्थान के सुरक्षा कर्मचारियों को भी व्यवस्था संभालनी पड़ी।

छात्रों का कहना था कि उनकी नाराजगी केवल इस एक घटना तक सीमित नहीं है, बल्कि वे कैंपस की बुनियादी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्पष्ट जवाब चाहते हैं। उनका आरोप था कि यदि नियमित निरीक्षण और रखरखाव ठीक से होता तो ऐसी घटना को रोका जा सकता था। हालांकि करंट लगने की वजह और किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी।

विद्यार्थियों ने प्रशासन से घटना की लिखित जांच कराने, रिपोर्ट सार्वजनिक करने और सुरक्षा संबंधी कमियों को तुरंत दूर करने की मांग की। इसके अलावा बिजली व्यवस्था की जांच के लिए विशेषज्ञों की टीम बुलाने की बात भी उठाई गई।

बीआईटी मेसरा जैसे बड़े आवासीय शिक्षण संस्थान में बड़ी संख्या में विद्यार्थी परिसर के अंदर ही रहते हैं। पढ़ाई के बाद खेल मैदान, हॉस्टल और अन्य सुविधाओं का नियमित इस्तेमाल होता है। इस कारण किसी भी विद्युत संबंधी खराबी को गंभीर सुरक्षा जोखिम माना जाता है।

घटना के बाद छात्रों के प्रदर्शन ने प्रशासन पर तत्काल कदम उठाने का दबाव बढ़ा दिया है। विद्यार्थियों का कहना है कि केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा और परिसर में सभी संवेदनशील स्थानों की जांच कर आवश्यक सुधार किए जाने चाहिए।

देर रात तक चले प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने घायल छात्र के स्वास्थ्य की जानकारी देने की मांग भी की। वे चाहते थे कि संस्थान प्रशासन पूरी स्थिति को पारदर्शी तरीके से उनके सामने रखे।

फिलहाल निशांत को करंट लगने की घटना के बाद बीआईटी मेसरा परिसर में छात्रों का विरोध प्रमुख मुद्दा बन गया है। करीब 600 विद्यार्थियों द्वारा कुलपति आवास का घेराव किए जाने से मामला गंभीर हो गया है।

अब नजर संस्थान प्रशासन की जांच और सुरक्षा संबंधी कदमों पर है। विद्यार्थियों की मुख्य मांग है कि घटना की वास्तविक वजह सामने लाई जाए, संभावित लापरवाही की जिम्मेदारी तय की जाए और परिसर में बिजली तथा खेल सुविधाओं की व्यापक सुरक्षा जांच कराई जाए, ताकि भविष्य में किसी अन्य छात्र के साथ ऐसी घटना न हो।

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