
गढ़वा: जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सिविल सर्जन डॉ. जॉन एफ. केनेडी ने सख्त रुख अपनाया है। बुधवार को मेराल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के औचक निरीक्षण के दौरान सामने आई भारी अव्यवस्थाओं के बाद उन्होंने बड़ी कार्रवाई की है।
सिविल सर्जन के अचानक पहुंचने से स्वास्थ्य केंद्र में मौजूद कर्मचारियों और अधिकारियों में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं, कर्मचारियों की उपस्थिति, साफ-सफाई और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति की जांच की गई।
औचक निरीक्षण में सामने आईं कई कमियां
जानकारी के अनुसार, सिविल सर्जन डॉ. जॉन एफ. केनेडी ने बुधवार को मेराल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य केंद्र में कई तरह की खामियां सामने आईं। मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, चिकित्सा व्यवस्था और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली को लेकर सिविल सर्जन ने नाराजगी जाहिर की।
उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही नहीं बरतने की सख्त चेतावनी दी।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के निर्देश
सिविल सर्जन ने निरीक्षण के दौरान अस्पताल प्रबंधन को स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में आने वाले मरीजों को बेहतर इलाज और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना विभाग की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मरीजों की सुविधा और समय पर इलाज को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
लापरवाही पर कार्रवाई का संदेश
मेराल सीएचसी में मिली अव्यवस्था के बाद सिविल सर्जन की कार्रवाई को स्वास्थ्य विभाग में सख्ती के संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले के सभी सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों की नियमित निगरानी की जाएगी। जहां भी व्यवस्था में कमी मिलेगी, वहां जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सिविल सर्जन ने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए निरीक्षण और समीक्षा का सिलसिला लगातार जारी रहेगा।
मरीजों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना लक्ष्य
गढ़वा जिले में ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए इन केंद्रों पर निर्भर रहते हैं।
ऐसे में स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की उपलब्धता, दवाइयों की व्यवस्था, साफ-सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाओं का बेहतर होना जरूरी है।
सिविल सर्जन ने कहा कि विभाग का उद्देश्य है कि जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
कर्मचारियों को जिम्मेदारी निभाने की हिदायत
निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन ने स्वास्थ्य कर्मियों को अपनी जिम्मेदारियों का सही तरीके से पालन करने की हिदायत दी।
उन्होंने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में काम करने वाले सभी कर्मचारियों को समय पर उपस्थित रहना चाहिए और मरीजों के साथ बेहतर व्यवहार करना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी तरह की लापरवाही से आम लोगों को परेशानी होती है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर बढ़ेगी निगरानी
मेराल सीएचसी में हुई कार्रवाई के बाद अब जिले के अन्य स्वास्थ्य केंद्र भी प्रशासन की निगरानी में आ सकते हैं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से आने वाले दिनों में अन्य अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों का भी निरीक्षण किए जाने की संभावना है।
अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के निरीक्षण का उद्देश्य कर्मचारियों को परेशान करना नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाना है।
लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने की पहल
गढ़वा जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है। सिविल सर्जन की इस कार्रवाई से उम्मीद जताई जा रही है कि स्वास्थ्य केंद्रों की कार्यप्रणाली में सुधार आएगा।
मरीजों को समय पर इलाज, बेहतर व्यवहार और जरूरी सुविधाएं मिलें, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने का संकेत दिया है।





