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जनता से रिश्ता वेबडेस्क : झारखंड के गांवों में अखड़ा की परंपरा है. यहां आयोजित होने वाले धुमकुड़िया समारोह के दौरान युवाओं और युवतियों के लिए अलग-अलग रहने का इंतज़ाम कराया जाता है. शाम होने पर वे साथ-साथ नाचते-गाते हैं. इस दौरान अगर किसी युवती या युवक को कोई पसंद आ गया, तो वे उसे प्रेम प्रस्ताव देते हैं. फिर यह बात वे अपनी मां-पिताजी को बताते हैं. घरवाले अगर इस शादी के लिए राज़ी हो गए, तब तो उनकी विधिवत शादी करा दी जाती है. लेकिन, कुछ मामलों में घरवाले इसके लिए राजी नहीं होते."
"तब वह जोड़ा लिव-इन में पति-पत्नी की तरह रहने लगता है. इन्हें ढुकू कहा जाता है. कई मामलों में ऐसे जोड़े गांव छोड़कर चले जाते हैं और बाल-बच्चे होने पर वापस गांव लौटते हैं. फिर यह जोड़ा अपनी शादी की सामाजिक मान्यता के लिए गांव के पंचों (पाहन, महतो आदि) के पास जाता है."
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