झारखंड

CID जांच में खुलासा के बाद झारखंड में JSSC CGL समेत कई नियुक्तियां रद्द

nidhi
20 Aug 2026 1:19 PM IST
CID जांच में खुलासा के बाद झारखंड में JSSC CGL समेत कई नियुक्तियां रद्द
x
परीक्षाओं में बड़ी धांधली का सबूत मिलने पर हेमंत सोरेन सरकार का बड़ा फैसला
JHARKHAND: झारखंड सरकार (कैबिनेट) ने हाल ही में CGL (कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल) परीक्षा और उससे जुड़े विभिन्न पदों पर की गई विवादित नियुक्तियों तथा परिणाम को रद्द करने का एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। राज्य सरकार के इस कड़े कदम के पीछे सबसे बड़ी वजह CID (अपराध अनुसंधान विभाग) द्वारा सौंपी गई जांच रिपोर्ट है। जांच के दौरान यह स्पष्ट रूप से सामने आया कि परीक्षा आयोजित कराने वाली आउटसोर्सिंग एजेंसी (TDPL) की प्रक्रिया में गंभीर धांधली, अनियमितताएं और पेपर लीक से जुड़े साक्ष्य मिले थे।
CID की जांच में मिले धांधली के ठोस सबूत
विशेष जांच दल (CID) द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि पूरी परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता और पवित्रता भंग हो चुकी थी। जांच के दौरान परीक्षा संचालक एजेंसी के कई अधिकारियों, कर्मचारियों और बिचौलियों के बीच संदिग्ध लेनदेन और पेपर लीक गिरोह की सांठगांठ के प्रमाण मिले। मोबाइल डेटा, व्हाट्सएप चैट्स और डिजिटल फोरेंसिक जांच में यह बात साबित हुई कि प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले ही लीक कर दिए गए थे। अभ्यर्थियों की मेरिट लिस्ट में भी हेरफेर के सबूत पाए गए, जिसके बाद CID ने पूरी परीक्षा को रद्द करने की सिफारिश की थी।
झारखंड सरकार ने बताया नियुक्तियां रद्द करने का कारण
कैबिनेट की बैठक के बाद राज्य सरकार ने स्पष्ट किया कि युवाओं के भविष्य और पारदर्शी व्यवस्था को बनाए रखने के लिए यह कड़ा कदम उठाना अनिवार्य हो गया था। सरकार के अनुसार:
धांधली और भ्रष्टाचार के आधार पर बनी मेरिट लिस्ट से योग्य और मेधावी छात्रों के अधिकारों का हनन हो रहा था।
अगर ऐसी विवादित नियुक्तियों को जारी रखा जाता, तो इससे प्रशासनिक व्यवस्था और सरकारी तंत्र की साख पर बुरा असर पड़ता।
पूरी प्रक्रिया में कानूनी और प्रक्रियात्मक खामियां थीं, जिन्हें सुधारे बिना सही परिणाम जारी रखना संभव नहीं था।
भविष्य में होने वाली सभी परीक्षाओं को पूरी तरह सुरक्षित, पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए पुरानी दागी प्रक्रिया को खत्म करना जरूरी था।
सरकार ने अभ्यर्थियों को आश्वस्त किया है कि इस मामले में दोषी पाए गए किसी भी व्यक्ति या एजेंसी को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही एक पारदर्शी प्रक्रिया के तहत नए सिरे से परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी।
Next Story